नेशनल डेस्क, श्वेता प्रिया
नई दिल्ली: छात्रों के आंदोलन और हाल के घटनाक्रम के बीच सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सरकार से छात्रों के साथ बातचीत करने की अपील की है। अन्ना हज़ारे ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी विवाद का समाधान बल प्रयोग से नहीं, बल्कि संवाद और आपसी सहमति से होना चाहिए। उन्होंने सरकार से छात्रों की बात गंभीरता से सुनने और उनकी चिंताओं का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का आग्रह किया।
अन्ना हज़ारे ने अपने पत्र में कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनकी आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित किया जाए, ताकि स्थिति सामान्य हो सके और लोकतांत्रिक मूल्यों पर लोगों का विश्वास बना रहे।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और सरकार इस विषय पर शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और नियमों के तहत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।
नड्डा ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है, तो उसे सदन चलने देना चाहिए ताकि सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार हर रचनात्मक सुझाव पर विचार करने के लिए तैयार है।
अन्ना हज़ारे की अपील और सरकार के इस बयान के बाद अब राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सभी की निगाहें संसद की कार्यवाही और सरकार तथा छात्रों के बीच संभावित संवाद पर टिकी हैं।







