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अफगान में नहीं बनी पाकिस्तान आतंकी हमले की योजना

विदेश डेस्क, ऋषि राज

काबुल: अफगानिस्तान ने उत्तरी पाकिस्तान में हुए हालिया आतंकवादी हमले को लेकर पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरोपों को सख्ती से खारिज कर दिया है। अफगान सरकार ने स्पष्ट कहा है कि इस हमले की योजना अफगानिस्तान की धरती पर नहीं बनाई गई थी और पड़ोसी देशों को एक-दूसरे पर आरोप लगाने के बजाय आपसी सहयोग और भरोसे के साथ समस्या का समाधान करना चाहिए।

यह विवाद उस समय सामने आया जब पाकिस्तान ने दावा किया कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू क्षेत्र में हुए हमले की योजना अफगानिस्तान में बैठे आतंकवादियों ने बनाई थी। इस हमले में कम से कम 15 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे। घटना के बाद पाकिस्तान ने सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों को लेकर चिंता जताई और अफगान प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।

अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने इन आरोपों को “निराधार” बताते हुए कहा कि अफगानिस्तान अपनी धरती का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आरोप-प्रत्यारोप से बचना जरूरी है। मुजाहिद ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में कहा कि समस्याओं का समाधान आपसी सम्मान, समझ और वास्तविक सहयोग से ही संभव है।

विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सुरक्षा मुद्दों को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ है। पाकिस्तान लगातार सीमा पार से आतंकवादी घुसपैठ का आरोप लगाता रहा है, जबकि अफगानिस्तान इन आरोपों को खारिज करता आया है। दोनों देशों के बीच कई बार उच्चस्तरीय वार्ता भी हुई, लेकिन स्थायी समाधान अभी तक नहीं निकल पाया है।

क्षेत्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता के लिए दोनों देशों के बीच भरोसा और समन्वय बेहद आवश्यक है। सीमा सुरक्षा, खुफिया जानकारी साझा करने और आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त रणनीति अपनाने से हालात बेहतर हो सकते हैं।

फिलहाल अफगानिस्तान ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह तनाव बढ़ाने के बजाय रचनात्मक संवाद और व्यावहारिक सहयोग को प्राथमिकता देना चाहता है। अब सबकी निगाहें पाकिस्तान की अगली प्रतिक्रिया और दोनों देशों के संभावित कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हैं।