Ad Image
Ad Image
तमिलनाडु के द. विरुधूनगर में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट, 21 की मौत 8 घायल || हताश प्रधानमंत्री ने झूठ बोलकर देश को गुमराह करने का प्रयास किया: खरगे || विपक्ष की महिला आरक्षण रोकने की साजिश, आधी आबादी को हक दिलाएंगे: PM मोदी || हॉर्मुज में भारतीय जहाजों पर गोलीबारी, दिल्ली ने ईरानी राजदूत को तलब किया || अंतर्राष्ट्रीय कानून अनुपालन की यूरोपीय संघ की अपील को ईरान ने पाखंड बताया || राष्ट्रपति ट्रंप ने तरनजीत संधू को दिल्ली का उप राज्यपाल बनने पर दी बधाई || सम्पूर्ण देश की विधायिका में आज से 33 फीसदी महिला आरक्षण कानून लागू || पटना: CM सम्राट चौधरी ने जन प्रतिनिधियों और अन्य से की शिष्टाचार भेंट || इजरायल और लेबनान के बीच आज से 10 दिनों के लिए सीजफायर लागू || बसपा सुप्रीमो मायावती का आरक्षण को लेकर कांग्रेस और सपा पर हमला

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

अब पंचायत तक जंग, बाल श्रम उन्मूलन की कैसी है नई योजना?

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना । 

-    राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मॉनिटर की तरफ से बंधुआ मजदूर एवं बाल श्रमिक मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित

पटना, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के विशेष सचिव श्री उपेन्द्र प्रसाद एवं राज्य के श्रमायुक्त श्री राजेश भारती की उपस्थिति में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मॉनीटर श्री धनंजय टिंगल एवं संबधित विभागों के प्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संस्थानों के साथ यह बैठक की गई।

नियोजन भवन स्थित प्रतिबिम्ब सभाकक्ष में सोमवार को बंधुआ मजदूरी एवं बालश्रम से संबंधित यह राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान श्री टिंगल ने बताया कि विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के प्रयास से अन्य राज्यों से विमुक्त कराए गए बाल श्रमिकों की प्रविष्टि सीएलटीएस पोर्टल में कई बार सही तरीके से नहीं हो पाती है। इसके कारण कई बच्चे पुनर्वास से संबंधित सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। जबकि बिहार में यह कार्य किया जा रहा है और सभी स्तर के पदाधिकारी इसके लिए क्रियाशील हैं, जो सराहनीय है।  
 
जिला से पंचायत तक सख्त निगरानी    

इस बैठक में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की तरफ से बंधुआ मजदूरी एवं बालश्रम से संबंधित विस्तृत प्रस्तुति की गई। इसमें वर्षवार उपलब्धि और बाल श्रम विमुक्त बिहार बनाए जाने की दिशा में विभाग के स्तर से उठाए गए कदम की जानकारी दी गई। इस संबंध में श्रमायुक्त ने सुझाव दिया कि श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की तरफ से एनजीओ के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए कार्यशाला आयोजित किया जाना है। ताकि विमुक्त कराए गए बाल श्रमिकों को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराने तथा सीएलटीएस पोर्टल में उनके नाम दर्ज करने के बीच होने वाले अंतराल को कम किया जा सके।
      
तीन स्तर पर बनी टास्क फोर्स की नई रणनीति

श्रमायुक्त ने जानकारी दी कि बंधुआ मजदूरों एवं बाल श्रमिकों के पुनर्वास की समीक्षा के लिए बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कार्ययोजना संचालित है, जिसके अंतर्गत संबंधित विभागों द्वारा किए जा रहे पुनर्वास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाती है। साथ ही जिला, प्रखण्ड एवं पंचायत स्तर पर टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जिसकी नियमित बैठकें आयोजित की जाती हैं। 
 
पंचायत स्तर तक कार्रवाई    

बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के पश्चात उन्हें इनटाइटेलमेंट कार्ड प्रदान किया जाता है, जो ऑनलाइन पोर्टल पर भी उपलब्ध है। उन्होंने निर्देश दिया है कि इनटाइटेलमेंट कार्ड बच्चों के अभिभावकों को भी उपलब्ध कराया जाए। इसके अतिरिक्त नियोजकों से दंड स्वरूप वसूल की जाने वाली राशि के प्रभावी उपयोग के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करने का भी निर्देश दिया गया। बैठक में बाल श्रम उन्मूलन, विमुक्त बाल श्रमिकों के पुनर्वास तथा विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया। उक्त बैठक में बैठक में संयुक्त श्रमायुक्त श्री विजय कुमार के साथ विभाग और बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।