लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।
चंपारण की धरती से फिर गूंजेगी गांधीवादी विचारों की गूँज, गणतंत्र दिवस से छात्रों को मिलेगा 'निशुल्क पुस्तकालय' का उपहार
पूर्वी चंपारण: महात्मा गांधी को 'महात्मा' की उपाधि देने वाली चंपारण की पावन धरती एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज पर है। मोतिहारी स्थित ऐतिहासिक गांधी संग्रहालय, जो दशकों से बापू के सत्याग्रह की यादों को संजोए हुए है, अब अपने नए और 'हाईटेक' अवतार में दुनिया के सामने आने के लिए तैयार है। जिला प्रशासन की अनूठी पहल से इस संग्रहालय का न केवल कायाकल्प किया गया है, बल्कि इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस कर एक उत्कृष्ट ज्ञान केंद्र और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है।
विरासत और भविष्य का अद्भुत संगम
इस संग्रहालय की सबसे भावुक कर देने वाली विशेषता वह ऐतिहासिक मेज (टेबल) है, जिसका उपयोग स्वयं बापू ने नीलहे अंग्रेजों के खिलाफ रणनीति बनाने और आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए किया था। अब इसी ऐतिहासिक परिवेश में जिले के युवा अपना भविष्य संवारेंगे। संग्रहालय के प्रथम तल पर एक अत्याधुनिक पुस्तकालय सह वाचनालय का निर्माण किया गया है, जहाँ छात्र बापू की स्मृतियों के साये में बैठकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
26 जनवरी से खुलेगा ज्ञान का द्वार
मंगलवार को जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने प्रशासनिक टीम के साथ पूरे परिसर का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के उपरांत उन्होंने घोषणा की कि आगामी 26 जनवरी 2026 (गणतंत्र दिवस) को इस नवनिर्मित लाइब्रेरी का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क होगी। स्कूली छात्र अपनी स्कूल आईडी दिखाकर यहाँ प्रवेश पा सकेंगे, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को एक बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सकेगा।
संसाधनों से लैस होगा पुस्तकालय
संग्रहालय की लाइब्रेरी में केवल सामान्य पुस्तकें ही नहीं, बल्कि गांधी जी के जीवन दर्शन, दुर्लभ ऐतिहासिक साहित्य, समसामयिक मैगजीन और राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्र उपलब्ध रहेंगे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि व्यवस्था में कोई कमी न रहे। इसके सुचारू संचालन के लिए तत्काल एक लाइब्रेरियन की नियुक्ति करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, उन्होंने मोतिहारी के 'महात्मा गांधी प्रेक्षा गृह' में भी एक और लाइब्रेरी जल्द शुरू करने की योजना पर मुहर लगा दी है।
"हमारा उद्देश्य गांधी संग्रहालय को केवल एक स्मारक तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि इसे एक जीवंत ज्ञान केंद्र बनाना है। यहाँ आने वाले युवा बापू के संघर्षों से प्रेरणा भी लेंगे और अपनी प्रगति के लिए एकाग्र होकर अध्ययन भी कर सकेंगे।" — सौरभ जोरवाल, जिलाधिकारी, पूर्वी चंपारण
प्रशासनिक टीम की सक्रियता
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ सदर अनुमंडल पदाधिकारी निशांत सिहारा, नगर आयुक्त आशीष कुमार, सहायक समाहर्ता प्रिया रानी और सामान्य शाखा की प्रभारी पदाधिकारी निधि सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस सक्रियता से स्पष्ट है कि मोतिहारी का यह गांधी संग्रहालय आने वाले दिनों में न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि चंपारण के युवाओं के लिए सफलता का नया द्वार भी खोलेगा।







