विदेश डेस्क, मुस्कान कुमारी।
लॉरेंसविले (जॉर्जिया, अमेरिका)। एक पारिवारिक विवाद ने शुक्रवार तड़के एक भारतीय परिवार को तबाह कर दिया, जब पति विजय कुमार ने अपनी पत्नी और तीन रिश्तेदारों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। बच्चों की सूझबूझ भरी कॉल ने पुलिस को समय पर पहुंचाया, वरना त्रासदी और बड़ी हो सकती थी।
घटना की शुरुआत शुक्रवार सुबह करीब 2:30 बजे (स्थानीय समय) हुई, जब ग्विनेट काउंटी पुलिस को ब्रुक आइवी कोर्ट इलाके से एक आपातकालीन कॉल मिली। मौके पर पहुंची पुलिस को घर में चार वयस्कों के शव मिले, सभी को गोली लगी हुई थी। मारे गए लोगों में विजय कुमार की पत्नी मीनू डोगरा (43 वर्ष), गौरव कुमार (33 वर्ष), निधि चंदर (37 वर्ष) और हरिश चंदर (38 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि सभी भारतीय मूल के थे और परिवार के सदस्य थे।
बच्चों की बहादुरी: 911 कॉल ने रोकी और मौतें
घर में मौजूद तीन बच्चे इस भयानक मंजर से बच निकले। पुलिस के मुताबिक, बच्चे डर से एक अलमारी में छिप गए थे। इनमें से एक बच्चा, जो विजय कुमार और मीनू डोगरा का था, ने 911 पर कॉल करके घटना की जानकारी दी। बच्चे की दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस मिनटों में मौके पर पहुंची। अगर यह कॉल न होती, तो शायद बच्चों की जान भी खतरे में पड़ सकती थी। पुलिस ने बच्चों को सुरक्षित निकाला और अब वे एक रिश्तेदार के पास हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की कि बच्चों को कोई चोट नहीं लगी है।
विजय कुमार (51 वर्ष) को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर चार मामलों में हत्या, चार मामलों में गंभीर हमला, एक मामले में बच्चों के प्रति क्रूरता और दो मामलों में बच्चों के प्रति तीसरे स्तर की क्रूरता के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस जांच में पता चला कि यह घटना पारिवारिक विवाद से जुड़ी है, हालांकि विस्तृत वजह अभी सामने नहीं आई है। ग्विनेट काउंटी पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
भारतीय दूतावास की प्रतिक्रिया: सहायता का वादा
अटलांटा में भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने घटना पर गहरा दुख जताया है। दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि यह एक दुखद पारिवारिक विवाद से जुड़ी घटना है, जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हुई है। दूतावास ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने पुष्टि की कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की निगरानी की जा रही है।
यह घटना अमेरिका में भारतीय समुदाय के बीच सदमे की लहर पैदा कर रही है। लॉरेंसविले, जो अटलांटा का उपनगरीय इलाका है, में भारतीय परिवारों की अच्छी-खासी आबादी है। स्थानीय समुदाय के लोग अब सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। पुलिस ने बताया कि यह एक अलग-थलग घटना लगती है और इलाके में कोई व्यापक खतरा नहीं है।
पुलिस और दूतावास की पुष्टि
घटना की पुष्टि ग्विनेट काउंटी पुलिस ने की है, जिन्होंने पीड़ितों की पहचान जारी की। भारतीय दूतावास ने भी स्वतंत्र रूप से मामले की जानकारी साझा की, जो पुलिस रिपोर्ट से मेल खाती है। कोई विरोधाभासी रिपोर्ट नहीं मिली है, और जांच में पारिवारिक विवाद की पुष्टि हुई है। बच्चों की कॉल का विवरण भी पुलिस के रिकॉर्ड से सत्यापित है।
यह घटना अमेरिका में भारतीयों पर बढ़ते हमलों की याद दिलाती है, हालांकि यह घरेलू विवाद से जुड़ी है। पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां पारिवारिक तनाव ने हिंसक रूप ले लिया। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य और परिवारिक सलाह की कमी ऐसे मामलों को बढ़ावा देती है।
पुलिस ने बताया कि विजय कुमार के पास हथियार था, लेकिन उसकी वैधता की जांच की जा रही है। अमेरिका में बंदूक कानूनों की वजह से ऐसे हथियार आसानी से उपलब्ध होते हैं, जो घरेलू हिंसा को बढ़ावा देते हैं। इस घटना ने एक बार फिर बंदूक नियंत्रण पर बहस छेड़ दी है।
परिवार का बैकग्राउंड: अमेरिका में बसे भारतीय
पीड़ित परिवार भारतीय मूल का था और अमेरिका में लंबे समय से रह रहा था। मीनू डोगरा और विजय कुमार का बच्चा अमेरिका में जन्मा था, जबकि अन्य रिश्तेदार हाल ही में भारत से आए हो सकते हैं। पुलिस ने परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ की है, लेकिन कोई अतिरिक्त संदिग्ध नहीं मिला है।
घटना स्थल पर फॉरेंसिक टीम ने सबूत जुटाए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने तक आरोपी को हिरासत में रखा जाएगा। अदालत में मामले की सुनवाई जल्द शुरू हो सकती है।
यह त्रासदी न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे भारतीय डायस्पोरा के लिए एक सबक है। पारिवारिक विवादों को समय रहते सुलझाना जरूरी है, वरना परिणाम घातक हो सकते हैं।







