स्टेट डेस्क, मुस्कान सिंह
बारामती: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर देश की आर्थिक चुनौतियों को नजरअंदाज करने और जनता के सामने स्थिति की सकारात्मक तस्वीर पेश करने का आरोप लगाया। अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार आर्थिक मंदी के संकेतों को गंभीरता से नहीं ले रही है।
उनके मुताबिक, देश के सामने मौजूद वास्तविक आर्थिक समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान देने के बजाय सरकार ऐसी तस्वीर पेश कर रही है, जिसमें सब कुछ बेहतर दिखाई देता है।पवार ने कहा कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को समझने के लिए जमीनी हकीकत और विभिन्न आर्थिक संकेतकों पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आर्थिक मंदी से जुड़े संकेतों को नजरअंदाज कर रही है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने आ रहे मुद्दों के जरिए जनता का ध्यान दूसरी ओर ले जाने की कोशिश कर रही है। देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े वास्तविक आंकड़ों और आम लोगों की स्थिति पर चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार से आर्थिक चुनौतियों को लेकर अधिक गंभीरता से कदम उठाने की मांग की
शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देश की वास्तविक आर्थिक परेशानियों को पर्याप्त महत्व नहीं दे रही है। पवार के बयान में रोजगार, आर्थिक गतिविधियों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर चिंता जताई गई।
उन्होंने कहा कि सरकार को अर्थव्यवस्था की स्थिति पर केवल सकारात्मक दावों तक सीमित रहने के बजाय समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान पर काम करना चाहिए।
पवार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की रणनीति पर भी सवाल उठाया। सरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को प्रमुखता देकर घरेलू आर्थिक समस्याओं से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।
हालांकि, शरद पवार के इन आरोपों पर केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से इस बयान के संबंध में कोई प्रतिक्रिया इस खबर में सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि अर्थव्यवस्था और सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं।







