नेशनल डेस्क, मुस्कान सिंह।
नई दिल्ली: देश में संभावित अल-नीनो प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने और समय रहते आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जिन राज्यों में अल-नीनो का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक पड़ने की आशंका है, वहां नियमित समीक्षा और समन्वित रणनीति के साथ कार्य किया जाएगा।
नई दिल्ली में आयोजित उच्च स्तरीय साप्ताहिक कृषि समीक्षा बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए श्री चौहान ने कहा कि प्रभावित राज्यों के चिन्हित जिलों में जिला प्रशासन, कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वित बैठकें आयोजित की जाएं। इन बैठकों के माध्यम से स्थानीय परिस्थितियों का आकलन कर किसानों को समय पर आवश्यक जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए, ताकि किसानों को मौसम संबंधी संभावित चुनौतियों, आवश्यक सावधानियों और वैकल्पिक फसल विकल्पों की जानकारी मिल सके। इससे किसान बदलती परिस्थितियों के अनुसार अपनी खेती की रणनीति तैयार कर सकेंगे और नुकसान की संभावना को कम किया जा सकेगा। अधिकारियों को निर्देश दिया कि वर्षा की स्थिति, जल उपलब्धता, फसलों की प्रगति तथा मौसम विभाग की चेतावनियों की लगातार निगरानी की जाए। साथ ही कृषि विस्तार तंत्र को सक्रिय रखते हुए किसानों तक वैज्ञानिक सलाह और तकनीकी सहायता पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि अल-नीनो जैसी जलवायु परिस्थितियां कृषि उत्पादन को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। सरकार का उद्देश्य किसानों को किसी भी संभावित संकट से बचाना और कृषि उत्पादन को स्थिर बनाए रखना है। स्थिति की नियमित निगरानी के लिए हर सप्ताह समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में राज्यों से प्राप्त रिपोर्टों का विश्लेषण कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि कृषि क्षेत्र पर अल-नीनो के प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके और किसानों के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।







