विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश में ट्रक परिवहन क्षेत्र में बड़े बदलाव की दिशा में कदम उठाते हुए 'फ्रीडम हालर्स' पहल की घोषणा की है। इस योजना का उद्देश्य सेना से सेवानिवृत्त पूर्व सैनिकों को ट्रक चालक के रूप में रोजगार उपलब्ध कराना और अवैध रूप से काम कर रहे ट्रक चालकों के खिलाफ कार्रवाई को तेज करना है। प्रशासन का कहना है कि यह पहल रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम साबित होगी।
नई पहल के तहत पूर्व सैनिकों को कमर्शियल ट्रक चालक के रूप में नियुक्ति के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा उन्हें कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (सील्ड) प्राप्त करने की प्रक्रिया में भी विशेष सहायता और प्राथमिकता मिलेगी, ताकि वे जल्दी से परिवहन क्षेत्र में शामिल होकर रोजगार प्राप्त कर सकें। सरकार का मानना है कि सैन्य सेवा का अनुभव रखने वाले लोग इस जिम्मेदारी को अधिक दक्षता और अनुशासन के साथ निभा सकते हैं।
योजना की घोषणा के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने परिवहन मंत्री सीन डफी और कार्यवाहक श्रम मंत्री कीथ सोंडरलिंग की मौजूदगी में कहा कि प्रशासन का लक्ष्य अमेरिकी सड़कों पर अवैध रूप से काम कर रहे ट्रक चालकों को हटाकर उनकी जगह योग्य और प्रशिक्षित पूर्व सैनिकों को अवसर देना है। उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ अमेरिकी नागरिकों के लिए रोजगार बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
प्रशासन का कहना है कि ट्रक परिवहन उद्योग में रोजगार के अवसर सबसे पहले अमेरिकी नागरिकों और विशेष रूप से देश की सेवा कर चुके पूर्व सैनिकों को मिलने चाहिए। इसी सोच के तहत सरकार ने संबंधित एजेंसियों को आवश्यक प्रक्रियाओं में तेजी लाने और पात्र उम्मीदवारों को जल्द से जल्द रोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से परिवहन क्षेत्र में प्रशिक्षित और विश्वसनीय कार्यबल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
इस बीच अमेरिकी परिवहन विभाग ने जानकारी दी कि अंग्रेजी भाषा में दक्षता से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करने के बाद 24,000 से अधिक कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (सील्ड) रद्द किए गए हैं। विभाग के अनुसार, इन नियमों का पालन नहीं करने वाले चालकों के खिलाफ व्यापक जांच और कार्रवाई की गई, ताकि सड़क सुरक्षा और नियामकीय मानकों को सुनिश्चित किया जा सके।
विभाग ने यह भी दावा किया कि जांच के दौरान 28,000 से अधिक गैर-नागरिक ट्रक चालकों को गलत तरीके से कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाने के मामले सामने आए। इसके बाद संबंधित लाइसेंस निरस्त कर दिए गए और पूरे मामले की समीक्षा शुरू की गई। प्रशासन का कहना है कि आगे भी नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और परिवहन क्षेत्र में केवल निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले चालकों को ही काम करने की अनुमति दी जाएगी।







