Ad Image
Ad Image
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा हेट स्पीच मामले की आज सुनवाई की || लोकसभा से निलंबित सांसदों पर आसन पर कागज फेंकने का आरोप || लोकसभा से कांग्रेस के 7 और माकपा का 1 सांसद निलंबित || पटना: NEET की छात्रा के रेप और हत्या को लेकर सरकार पर जमकर बरसे तेजस्वी || स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, केशव मौर्य को होना चाहिए यूपी का CM || मतदाता दिवस विशेष: मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा 'मतदान राष्ट्रसेवा' || नितिन नबीन बनें भाजपा के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. लक्ष्मण ने की घोषणा || दिल्ली को मिली फिर साफ हवा, AQI 220 पर पहुंचा || PM मोदी ने भारतरत्न अटल जी और मालवीय जी की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया || युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती आज

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

असोम दिवस पर PM मोदी की शुभकामनाएं

नेशनल डेस्क, श्रेयांश पराशर l

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असोम दिवस के अवसर पर राज्य के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि केंद्र तथा राज्य सरकारें मिलकर असम को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संदेश जारी करते हुए स्वर्गीय चाओलोंग स्योकाफा के विज़न को पूरा करने के संकल्प को पुनः दोहराया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में असम ने परिवर्तन और प्रगति की नई दिशा पकड़ी है। केंद्र सरकार और राज्य की राजग सरकार ने मिलकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, सामाजिक विकास को गति देने और आर्थिक अवसरों का विस्तार करने पर विशेष ध्यान दिया है। पीएम मोदी ने बताया कि प्रदेश में सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा और कनेक्टिविटी से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़े हैं, जिससे आम जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।

उन्होंने कहा कि असम की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर देश की अनमोल संपत्ति है। इसीलिए ताई-अहोम संस्कृति और ताई भाषा को अधिक लोकप्रिय और सशक्त बनाने के लिए सरकार कई ठोस कदम उठा रही है। पीएम मोदी के अनुसार, इससे न केवल असम की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊर्जा मिलेगी बल्कि युवा पीढ़ी को भी इससे प्रेरणा और नए अवसर प्राप्त होंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि असोम दिवस सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि राज्य की गौरवशाली परंपरा, संघर्ष और योगदान को याद करने का अवसर है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में असम विकास, शांति और समृद्धि की नई कहानी लिखेगा।