Ad Image
Ad Image
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा हेट स्पीच मामले की आज सुनवाई की || लोकसभा से निलंबित सांसदों पर आसन पर कागज फेंकने का आरोप || लोकसभा से कांग्रेस के 7 और माकपा का 1 सांसद निलंबित || पटना: NEET की छात्रा के रेप और हत्या को लेकर सरकार पर जमकर बरसे तेजस्वी || स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, केशव मौर्य को होना चाहिए यूपी का CM || मतदाता दिवस विशेष: मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा 'मतदान राष्ट्रसेवा' || नितिन नबीन बनें भाजपा के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. लक्ष्मण ने की घोषणा || दिल्ली को मिली फिर साफ हवा, AQI 220 पर पहुंचा || PM मोदी ने भारतरत्न अटल जी और मालवीय जी की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया || युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती आज

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

आर्टिस्ट ने पीपल के पत्ते पर उकेरी CM और PM की तस्वीर

मोतिहारी: बिहार विधानसभा चुनाव समापन के बाद जहाँ पूरे प्रदेश में नई सरकार के गठन को लेकर चर्चाएँ तेज़ हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र ने अपनी अनोखी कला के माध्यम से एक विशेष संदेश दिया है। उन्होंने पीपल के पत्ते पर जनता का अभिवादन करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सूक्ष्म चित्राकृति तैयार की है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

इस कलाकृति में दोनों नेताओं की आकृतियाँ अत्यंत महीन नक्काशी के साथ उकेरी गई हैं। पत्ते के ऊपरी हिस्से में “OUR PRIDE C.M., P.M.” और नीचे “धन्यवाद बिहार” लिखा गया है। यह संदेश चुनाव परिणामों से पहले जनता, नेतृत्व और लोकतंत्र के प्रति कलाकार की सकारात्मक भावना को दर्शाता है।

मधुरेंद्र का कहना है कि बिहार में चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए और अब नई सरकार बनने जा रही है। ऐसे समय में यह कलाकृति राज्य की प्रगति, नेतृत्व और जनतंत्र के प्रति आभार का प्रतीक है।

उनकी इस अनोखी कला ने कला प्रेमियों के साथ-साथ आम लोगों का ध्यान भी आकर्षित किया है। पीपल के पत्ते पर इतनी बारीक नक्काशी करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन मधुरेंद्र ने इसे सहजता और उत्कृष्टता के साथ तैयार किया है।

कलाकार की यह रचना न केवल चुनावी माहौल में नई ऊर्जा ला रही है, बल्कि बिहार के सांस्कृतिक गौरव को भी राष्ट्रीय स्तर पर उजागर कर रही है।