Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

आवास योजना घोटाला: दो कर्मी फंसे, लाभार्थियों से वसूली शुरू

लोकल डेस्क, एन. के. सिंह |

जिन दो लाभार्थियों को बिना घर बनाए ही पैसे मिल गए थे, उनसे आवास और मनरेगा दोनों योजनाओं की राशि वापस ली जाएगी

जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, मोतिहारी डॉ प्रदीप कुमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) में अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की है। CPGRAMS पंजीकरण संख्या DORLD/E/2025/0003978 के तहत मिली शिकायत की जांच के बाद यह कदम उठाया गया है। जांच में पाया गया कि दो लाभार्थियों को तीनों किस्तों का भुगतान कर दिया गया, लेकिन उन्होंने आवास का निर्माण नहीं कराया। इसके साथ ही, दोनों ने मनरेगा योजना के तहत मजदूरी का भी लाभ लिया।

जांच में मिला

दरमाहों ग्राम पंचायत के दराई यादव की शिकायत पर वरीय लेखा पदाधिकारी, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण ने जांच की। जांच रिपोर्ट में दो लाभार्थियों, बच्ची देवी (PMAY-G ID BH5743967) और  बुधिया देवी (PMAY-G ID BH5744096) के नाम सामने आए। इन दोनों को तीनों किस्तों की राशि मिल चुकी थी, लेकिन उनके आवास का निर्माण कार्य शुरू भी नहीं हुआ था। इसके अलावा, उन्होंने मनरेगा से भी मजदूरी प्राप्त की थी।

आवास कर्मियों पर कार्रवाई

इस गंभीर लापरवाही के लिए तत्कालीन ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक श्री पंकज कुमार पवन और तत्कालीन ग्रामीण आवास सहायक श्री खुर्शीद आलम को दोषी पाया गया। इन दोनों ने लाभार्थियों के घर बनाए बिना ही तीनों किस्तों का भुगतान कर दिया था। उनके द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण को स्वीकार नहीं किया गया, जिसे कर्तव्य का घोर उल्लंघन माना गया।

 ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक, पंकज कुमार पवन: उनके मूल मानदेय से तीन साल के लिए 10% की कटौती का दंड दिया गया है। वह ग्रामीण आवास सहायक, खुर्शीद आलम, उनके मूल मानदेय से तीन साल के लिए 25% की कटौती का दंड लगाया गया है।

लाभार्थियों से होगी वसूली

प्रखंड विकास पदाधिकारी, कल्याणपुर को आदेश दिया गया है कि वे दोनों लाभार्थियों से भुगतान की गई राशि की वसूली करें और उसे विभागीय नोडल अकाउंट में जमा कराएं। यदि लाभार्थी एक महीने के भीतर राशि वापस नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ नीलाम पत्र वाद दायर किया जाएगा।

इसके अलावा, मनरेगा के तहत दी गई मजदूरी की राशि भी वापस ली जाएगी। कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा), कल्याणपुर को निर्देश दिया गया है कि वे इस राशि की वसूली सुनिश्चित करें और उसे भी विभागीय नोडल अकाउंट में जमा कराएं।