इंडिगो फ्लाइट को गंभीर मौसम में डायवर्जन की अनुमति नहीं मिली, विमान सुरक्षित लेकिन क्षतिग्रस्त
रिपोर्ट: ऋषि राज
नई दिल्ली/श्रीनगर: दिल्ली से श्रीनगर जा रही इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6E 2142 को बुधवार देर शाम एक गंभीर मौसम प्रणाली का सामना करना पड़ा, जब विमान ओलों की चपेट में आ गया। घटना के दौरान पायलटों ने वैकल्पिक मार्ग के लिए कई बार अनुरोध किया, लेकिन भारत सरकार के अनुसार, भारतीय वायुसेना और पड़ोसी देश पाकिस्तान द्वारा यह अनुरोध अस्वीकार कर दिया गया।
विमान एयरबस A320 था, जिसमें 180 यात्री सवार थे। खराब मौसम में फंसने के बावजूद, विमान ने सुरक्षित रूप से श्रीनगर हवाई अड्डे पर लैंडिंग की। हालांकि, लैंडिंग के बाद किए गए तकनीकी निरीक्षण में विमान की नाक (radome) पर गंभीर क्षति पाई गई। इस क्षति को ओलों की सीधी टक्कर से जोड़ा गया है।
सरकारी बयान
भारत सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जब पायलट ने मार्ग बदलने की अनुमति मांगी, तब भारतीय वायुसेना द्वारा सीमित सैन्य गतिविधियों के कारण वायुक्षेत्र उपलब्ध नहीं था। इसके अतिरिक्त, पाकिस्तान की ओर से भी वाणिज्यिक उड़ानों को अपने क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई, जिससे विमान को मूल रास्ते से ही गुजरना पड़ा।
DGCA ने शुरू की जांच
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या पायलटों ने सभी मानक प्रक्रियाओं का पालन किया और क्या एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) द्वारा दी गई सूचनाएं पर्याप्त थीं। DGCA ने इंडिगो से विस्तृत फ्लाइट डेटा और पायलटों के बयान भी मांगे हैं।
इंडिगो का बयान
इंडिगो एयरलाइंस ने अपने बयान में कहा, "हमारी फ्लाइट को दुर्भाग्यवश खराब मौसम का सामना करना पड़ा। पायलटों ने तय मानकों के अनुसार सभी ज़रूरी कदम उठाए। सभी यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें वैकल्पिक फ्लाइट्स से उनके गंतव्य तक पहुंचा दिया गया है।"
राजनीतिक पृष्ठभूमि
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनावों के चलते वाणिज्यिक उड़ानों के लिए हवाई मार्ग सीमित हो गए हैं। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में विमानों के पास विकल्प सीमित हो जाते हैं, जो विमानन सुरक्षा के लिहाज़ से चिंता का विषय है।
इस घटना ने एक बार फिर यह उजागर कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय वायुक्षेत्र की राजनीतिक स्थितियाँ और सैन्य प्रतिबंध किस तरह से आम नागरिकों की यात्रा को प्रभावित कर सकते हैं। DGCA की रिपोर्ट और अनुशंसाएँ आने वाले दिनों में वाणिज्यिक उड़ानों की सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों को नया आकार दे सकती हैं।







