Ad Image
Ad Image
युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप || बिहार: विजय कुमार सिन्हा, निशांत कुमार, दिलीप जायसवाल, दीपक प्रकाश समेत 32 ने ली शपथ || बिहार में सम्राट सरकार का विस्तार, 32 मंत्रियों ने ली पद और गोपनीयता की शपथ || वोट चोरी का जिन्न फिर निकला, राहुल गांधी का EC और केंद्र सरकार पर हमला || वियतनामी राष्ट्रपति तो लाम पहुंचे भारत, राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत || टैगोर जयंती पर 9 मई को बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की संभावना || केरल में सरकार गठन की कवायद तेज: अजय माकन और मुकुल वासनिक पर्यवेक्षक || असम में बीजेपी जीत के हैट्रिक की ओर, 101 से अधिक पर बढ़त, कांग्रेस 23 पर सिमटी || पांच राज्यों में मतगणना जारी: बंगाल, असम में भाजपा को बढ़त, केरल में कांग्रेस और तमिलनाडु में टीवीके को बढ़त || तमिलनाडु चुनाव: एक्टर विजय की टीवीके ने किया उलटफेर, 109 सीटो पर बढ़त

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

इशाक डार ने खारिज किया ट्रम्प का दावा, बोले- भारत ने तीसरे पक्ष की मध्यस्थता कभी नहीं मानी

विदेश डेस्क, नीतीश कुमार |

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत-पाकिस्तान जंग रुकवाने के अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के दावे को खारिज कर दिया। उन्होंने मंगलवार को अलजजीरा को दिए इंटरव्यू में पहली बार माना कि भारत ने कभी भी दोनों देशों के बीच किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की।

एंकर ने उनसे पूछा कि क्या पाकिस्तान संघर्ष के दौरान विवाद सुलझाने के लिए किसी तीसरे पक्ष को शामिल करने के लिए तैयार था? इस पर डार ने कहा कि पाकिस्तान को कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन भारत ने साफ कह दिया कि यह एक द्विपक्षीय मुद्दा है।

ट्रम्प ने 10 मई को सबसे पहले सीजफायर की जानकारी दी थी और इसके बाद से 30 से ज्यादा बार इसका श्रेय लिया। जबकि भारत ने स्पष्ट कर दिया कि युद्धविराम आपसी बातचीत से हुआ, इसमें किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं थी।

इशाक डार ने कहा- “हमें बातचीत में तीसरे पक्ष की मौजूदगी से आपत्ति नहीं है। हमें द्विपक्षीय बातचीत से भी कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इसमें हर पहलू शामिल होना चाहिए। आतंकवाद, व्यापार, जम्मू-कश्मीर समेत वे सभी मुद्दे जिन पर पहले चर्चा हो चुकी है।”

डार बोले- पाकिस्तान शांति के लिए बातचीत को तैयार:

भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष 7 मई को शुरू हुआ था, जो 10 मई तक चला। इसके बाद डार ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से पूछा कि क्या अमेरिका दोनों देशों के बीच विवाद सुलझा रहा है। इस पर रूबियो ने कहा कि भारत का साफ मानना है कि यह एक द्विपक्षीय मामला है।

डार ने कहा कि पाकिस्तान विवाद सुलझाने के लिए किसी से भी बातचीत को तैयार है और मानता है कि बातचीत ही आगे का रास्ता है, लेकिन इसके लिए दोनों पक्षों की भागीदारी जरूरी है।

डार ने कहा- भारत ने बातचीत प्रस्ताव ठुकराया था:

डार ने आगे बताया कि अमेरिका ने सुझाव दिया था कि बातचीत किसी तटस्थ जगह पर हो सकती है। लेकिन 25 जुलाई को वॉशिंगटन में रूबियो के साथ हुई अगली बैठक में उन्हें बताया गया कि भारत इस प्रस्ताव से सहमत नहीं है।

डार ने कहा- भारत का कहना है कि यह एक द्विपक्षीय मामला है। हम किसी चीज की भीख नहीं मांग रहे, लेकिन बातचीत के लिए दो लोगों की जरूरत होती है। अगर भारत जवाब देता है तो पाकिस्तान आज भी बातचीत को तैयार है।

बीजेपी नेता बोले- राहुल गांधी ध्यान से सुनिए, झूठ फैलाना बंद करो;

बीजेपी नेता अमित मालवीय ने इशाक डार का बयान शेयर करते हुए कहा कि भारत-पाकिस्तान सीजफायर में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं थी।

उन्होंने लिखा: राहुल गांधी ध्यान से सुनिए, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने खुद माना है कि भारत ने किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को अस्वीकार किया है। झूठ फैलाना और पाकिस्तान का दुष्प्रचार दोहराना बंद करें।

पहलगाम हमले के बाद भारत ने सैन्य कार्रवाई की थी:

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 लोग मारे गए। इसके 15 दिन बाद, 7 मई को भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद दोनों देशों के बीच 4 दिन तक संघर्ष चला।