Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

ईरान ने परमाणु हथियार बनाने से किया इनकार

इंटरनेशनल डेस्क, मुस्कान सिंह। 

तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने साफ कहा है कि उनका देश परमाणु हथियार बनाने की दिशा में काम नहीं कर रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भरोसा दिलाते हुए कहा कि ईरान शांति, कूटनीति और क्षेत्रीय स्थिरता के पक्ष में है तथा किसी भी तरह का तनाव बढ़ाना नहीं चाहता।

ईरान के सरकारी प्रसारक ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग’ (आईआरआईबी) को दिए इंटरव्यू में पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। उन्होंने कहा कि उनका देश दुनिया को यह आश्वस्त करने के लिए तैयार है कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं कर रहा और न ही क्षेत्र में किसी प्रकार की अस्थिरता फैलाना चाहता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि मौजूदा समय में मध्य-पूर्व पहले से ही कई राजनीतिक और सैन्य तनावों से गुजर रहा है। ऐसे में ईरान क्षेत्र में शांति बनाए रखने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की नीति पर आगे बढ़ना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानूनों और परमाणु समझौतों का सम्मान करता है।

दरअसल, पिछले कुछ समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और पश्चिमी देशों की चिंता लगातार बढ़ती रही है। कई देशों ने ईरान पर गुप्त रूप से परमाणु हथियार विकसित करने का आरोप लगाया है, जबकि ईरान हमेशा इन आरोपों को खारिज करता आया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राष्ट्रपति पेजेश्कियन का यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है और वैश्विक शक्तियां ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।

कूटनीतिक हलकों में इसे ईरान की ओर से भरोसा कायम करने और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को संतुलित बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अब दुनिया की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में परमाणु मुद्दे पर ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है।