विदेश डेस्क, ऋषि राज।
न्यूयॉर्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने के अपने फैसले का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी नागरिकों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ के बावजूद वह इस युद्ध के लिए माफी नहीं मांगेंगे। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना आर्थिक लागत से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
एक कार्यक्रम में ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना किसी भी आर्थिक कीमत से अधिक महत्वपूर्ण और जायज है। उन्होंने ईरान के खिलाफ अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका ने यह कदम एक बड़े खतरे को रोकने के उद्देश्य से उठाया है।
अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने ईंधन की ऊंची कीमतों के प्रभाव को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को पेट्रोल के लिए कुछ अधिक भुगतान करना पड़ रहा है, तो उन्हें यह याद रखना चाहिए कि अमेरिका एक ऐसे देश को परमाणु शक्ति बनने से रोकने के लिए कार्रवाई कर रहा है जिसे वह खतरा मानता है।
ट्रंप ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में ईंधन की कीमतों में वृद्धि को व्यापक सुरक्षा हितों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने अपने फैसले पर किसी तरह का पछतावा जाहिर नहीं किया और स्पष्ट किया कि वह इसके लिए माफी नहीं मांगेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, तेल और ईंधन की कीमतों पर संघर्ष का असर दिखाई दे रहा है। गैर-लाभकारी संगठन अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि अमेरिका में नियमित गैसोलीन की औसत कीमत लगभग 4.07 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। इसके मुकाबले एक महीने पहले इसकी कीमत 3.85 डॉलर और एक साल पहले 3.16 डॉलर प्रति गैलन थी।
तेल की कीमतों में वृद्धि का संबंध क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक आपूर्ति पर पड़ने वाले प्रभाव से जोड़ा जा रहा है। पिछले लगभग छह महीनों से जारी ईरान संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
ट्रंप ने अपने बयान में ईंधन की कीमतों से जुड़े दबाव को स्वीकार करते हुए भी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को आवश्यक बताया। उनका तर्क है कि परमाणु हथियार हासिल करने की ईरान की संभावित क्षमता को रोकना अमेरिका और व्यापक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
इस बयान के साथ ट्रंप ने संकेत दिया कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद उनका प्रशासन ईरान को लेकर अपनी नीति में तत्काल बदलाव करने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने अपने फैसले को सुरक्षा के दृष्टिकोण से उचित बताते हुए उसका बचाव किया।







