विदेश डेस्क, ऋषि राज |
तेहरान: अमेरिका के साथ प्रस्तावित समझौते के बीच ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर बड़ा बयान दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने साफ कहा है कि संवर्धित यूरेनियम देश से बाहर नहीं भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह ईरान की स्थायी नीति है और इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं होगा।
बघाई ने ईरानी टेलीविजन पर कहा कि देश के भीतर ही यूरेनियम की सांद्रता कम करने का विकल्प मौजूद है, जिसे “डाउन-ब्लेंडिंग” कहा जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी परमाणु संपत्ति को विदेश नहीं भेजेगा, चाहे अमेरिका के साथ समझौता हो या न हो।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर सहमति बनने की खबरें सामने आ रही हैं। समझौते में यूरेनियम संवर्धन और निरीक्षण को लेकर कई प्रावधान शामिल बताए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान का यह रुख वार्ता को प्रभावित कर सकता है। अमेरिका लंबे समय से चाहता रहा है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार को सीमित करे या उसे अंतरराष्ट्रीय निगरानी में दे।
हालांकि ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। बघाई ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और वैज्ञानिक उपलब्धियों से समझौता नहीं किया जाएगा।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगामी हस्ताक्षर से पहले दोनों पक्ष इस मुद्दे पर किस तरह सहमति बनाते हैं। दुनिया की नजर फिलहाल इसी संवेदनशील वार्ता पर टिकी हुई है।







