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उप विकास आयुक्त ने की धान अधिप्राप्ति की समीक्षा

लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।

'मिलों की क्षमता और दूरी के आधार पर होगा पैक्सों का आवंटन'। उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार ने राइस मिलरों और सहकारिता पदाधिकारियों के साथ की अहम बैठक, ससमय CMR आपूर्ति के दिए निर्देश

मोतिहारी: मोतिहारी समाहरणालय स्थित डॉ. राधाकृष्णन भवन के सभागार में आज धान अधिप्राप्ति  के कार्यों की समीक्षा हेतु एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त  डॉ. प्रदीप कुमार ने की। बैठक में मुख्य रूप से जिला सहकारिता पदाधिकारी, सभी प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी और जिले के सभी निबंधित राइस मिलर उपस्थित रहे।
पारदर्शिता पर जोर: मिलरों से सीधा संवाद

बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त ने पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए उपस्थित सभी राइस मिलरों से मिल संबद्धता (Mill Tagging) की प्रक्रिया पर उनके सुझाव और शिकायतें माँगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य बिना किसी बाधा के अधिप्राप्ति प्रक्रिया को सुचारू बनाना है। चर्चा के दौरान सभी मिलरों और सहकारिता पदाधिकारियों ने वर्तमान व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया।

दूरी और क्षमता के आधार पर टैगिंग का निर्देश

डॉ. प्रदीप कुमार ने निर्देश दिया कि पैक्सों के साथ राइस मिलों की संबद्धता पूरी तरह वैज्ञानिक और तार्किक होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि:

  • समानुपातिक संबद्धता: मिलों की पेराई क्षमता (Milling Capacity) के अनुसार ही उन्हें पैक्स आवंटित किए जाएं।
  • दूरी का ध्यान: परिवहन लागत और समय को कम करने के लिए मिलों की पैक्स से भौतिक दूरी को मुख्य आधार बनाया जाए।

एडवांस CMR और FRK सप्लाई पर विशेष रणनीति

आपूर्ति श्रृंखला को तेज करने के लिए उप विकास आयुक्त ने सभी मिलरों को एडवांस CMR (Custom Milled Rice) तैयार रखने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जैसे ही FRK (Fortified Rice Kernels) की सप्लाई प्राप्त होती है, वैसे ही त्वरित गति से राज्य खाद्य निगम (SFC) को चावल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि लक्ष्य को समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके।

हमारा लक्ष्य किसानों से धान की खरीद और उसके बाद मिलिंग की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और तेज बनाना है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: डॉ. प्रदीप कुमार, उप विकास आयुक्त