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ऋषिकांत सिंह ने स्नैच कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को दिलाया सिल्वर

नेशनल डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य।

नई दिल्ली: मणिपुर के इम्फाल वेस्ट से आने वाले भारतीय भारोत्तोलक ऋषिकांत सिंह चानमबम ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में रजत पदक डाला। पुरुषों की 60 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में उन्होंने स्नैच में 121 किलोग्राम वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया। हालांकि क्लीन एंड जर्क में वह स्वर्ण पदक से मामूली अंतर से चूक गए, लेकिन कुल 264 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय वेटलिफ्टिंग में उनका नाम लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

भारतीय सेना के स्पोर्ट्स सेटअप में तैयार हुए ऋषिकांत आज देश के सबसे भरोसेमंद लाइटवेट वेटलिफ्टर्स में गिने जाते हैं। सेना के अनुशासित माहौल और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं ने उनकी प्रतिभा को नई धार दी। बेहतरीन तकनीक, कड़ी मेहनत और निरंतर सुधार की बदौलत उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है।

2022 से शुरू हुआ बड़ा सफर

ऋषिकांत ने साल 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों के 55 किलोग्राम वर्ग से अंतरराष्ट्रीय मंच पर कदम रखा। शुरुआती अनुभव से सीख लेते हुए उन्होंने बाद में 60 किलोग्राम वर्ग में खुद को स्थापित किया। इसके बाद लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए अपनी जगह पक्की की और एक मजबूत दावेदार के रूप में उतरे।

रिकॉर्ड बनाना बन गई पहचान

साल 2024 की राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने 61 किलोग्राम वर्ग के स्नैच में 124 किलोग्राम वजन उठाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद 2025 कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतते हुए 271 किलोग्राम (120 किग्रा स्नैच + 151 किग्रा क्लीन एंड जर्क) का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ और राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। इसी दमदार प्रदर्शन ने उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का टिकट दिलाया।

इसके अलावा, 2025 विश्व वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने 60 किलोग्राम वर्ग में कुल 269 किलोग्राम वजन उठाकर 11वां स्थान हासिल किया और दुनिया के शीर्ष भारोत्तोलकों के बीच अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।

स्नैच में बनाया नया गेम्स रिकॉर्ड

कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल में ऋषिकांत ने शुरुआत से ही शानदार लय दिखाई। पहले प्रयास में 116 किलोग्राम, दूसरे में 119 किलोग्राम और तीसरे प्रयास में 121 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाकर उन्होंने नया गेम्स रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। स्नैच राउंड के बाद वह स्वर्ण पदक की दौड़ में सबसे आगे चल रहे थे और भारतीय खेमे की उम्मीदें भी बढ़ गई थीं।

क्लीन एंड जर्क में नहीं मिला साथ

क्लीन एंड जर्क राउंड में ऋषिकांत ने पहले प्रयास में 143 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। इसके बाद उन्होंने 148 और 151 किलोग्राम का प्रयास किया, लेकिन दोनों बार सफलता नहीं मिली। इसके चलते उनका कुल स्कोर 264 किलोग्राम (121+143) रहा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

रिकॉर्ड के साथ जीता देश का दिल

भले ही ऋषिकांत सिंह स्वर्ण पदक से चूक गए, लेकिन स्नैच में नया गेम्स रिकॉर्ड बनाकर और भारत के लिए रजत पदक जीतकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा पूरी दुनिया को मनवाया। उनका प्रदर्शन यह संकेत देता है कि भारतीय वेटलिफ्टिंग लगातार मजबूत हो रही है और आने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ऋषिकांत सिंह देश के लिए पदकों की सबसे बड़ी उम्मीदों में शामिल रहेंगे।