नेशनल डेस्क , रानी कुमारी
नई दिल्ली | देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों और बिना सब्सिडी वाले छोटे सिलेंडरों की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी के खिलाफ वामपंथी राजनीति ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने केंद्र सरकार के इस फैसले को जनविरोधी बताते हुए इसके खिलाफ देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है।
शनिवार को जारी एक कड़े बयान में माकपा पोलित ब्यूरो ने कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों में लगभग 1,000 रुपये की भारी वृद्धि की गई है। पार्टी ने इस बढ़ोतरी को 'अभूतपूर्व' और 'तर्कहीन' करार दिया है। माकपा के अनुसार, एक झटके में इतनी बड़ी वृद्धि से बाजार का संतुलन बिगड़ जाएगा।
पार्टी ने चेतावनी दी है कि इस वृद्धि का सीधा असर न केवल व्यापारियों पर पड़ेगा, बल्कि अंततः आम जनता को ही इसकी कीमत चुकानी होगी। बयान में कहा गया, "व्यावसायिक संस्थानों और छोटे दुकानदारों के लिए यह मजबूरी हो जाएगी कि वे इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ को ग्राहकों पर डालें। इससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य सेवाओं के दाम बढ़ेंगे, जिससे पहले से ही महंगाई से जूझ रही जनता पर और बोझ पड़ेगा।"
सिर्फ बड़े कमर्शियल सिलेंडर ही नहीं, बल्कि 5 किलोग्राम वाले बिना सब्सिडी वाले सिलेंडरों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। माकपा का कहना है कि ये छोटे सिलेंडर अक्सर गरीब तबके और प्रवासी मजदूरों द्वारा उपयोग किए जाते हैं। इन पर दाम बढ़ाना सीधे तौर पर समाज के सबसे निचले तबके की जेब पर डाका डालने जैसा है।
सरकार के इस फैसले के विरोध में माकपा ने अपनी सभी राज्य इकाइयों और जन संगठनों को सड़कों पर उतरने का निर्देश दिया है। पार्टी की मांग है कि बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल वापस लिया जाए ताकि अर्थव्यवस्था और आम आदमी की रसोई पर पड़ रहे दबाव को कम किया जा सके।
आने वाले दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में इस मुद्दे को लेकर बड़े धरने और प्रदर्शन देखने को मिल सकते हैं।







