स्पोर्ट्स डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य।
नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन लगातार जारी है। 30 सितंबर की सुबह तक भारत ने सात स्वर्ण, इक्कीस रजत और छब्बीस कांस्य पदक समेत कुल चौवन पदक अपने नाम कर लिए हैं। महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम के स्वर्ण ने भारत के गोल्ड मेडल की संख्या सात तक पहुंचा दी है, जबकि एथलेटिक्स और शूटिंग समेत कई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों की संख्या लगातार बढ़ाई है।
7 गोल्ड के साथ भारत ने बढ़ाई रफ्तार
भारत के लिए 30 सितंबर की सुबह की शुरुआत एक और स्वर्ण पदक के साथ हुई। ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और चिकिता तनीपर्थी की भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने फाइनल में चीन को 238-234 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
इस जीत के साथ भारत ने इस एशियन गेम्स में अपना सातवां गोल्ड हासिल किया। भारतीय तिकड़ी का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि टीम ने फाइनल में चीन जैसी मजबूत टीम को चार अंकों के अंतर से मात दी।
इससे पहले शूटिंग में नीरू धांडा ने महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को बड़ी कामयाबी दिलाई थी। नीरू इस स्पर्धा में एशियन गेम्स का व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
4x400 मीटर रिले में भी भारत का तिरंगा सबसे ऊपर
एथलेटिक्स में भारतीय महिला 4x400 मीटर रिले टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। किरण पाहल, प्राची चौधरी, एमआर पूवम्मा और विथ्या रामराज की टीम ने 3 मिनट 29.69 सेकंड का समय निकालकर शीर्ष स्थान हासिल किया।
इस जीत ने ट्रैक एंड फील्ड में भारत की ताकत को एक बार फिर सामने रखा। टीम ने बहरीन और चीन जैसी मजबूत प्रतिद्वंद्वी टीमों को पीछे छोड़कर स्वर्ण अपने नाम किया।
गुलवीर सिंह के रफ्तार ने दिलाया तीसरा पदक
भारत के लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह भी एशियन गेम्स में लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं। उन्होंने पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता। यह मौजूदा एशियन गेम्स में गुलवीर का तीसरा व्यक्तिगत पदक है।
इससे पहले वह 10,000 मीटर और 1500 मीटर में रजत पदक जीत चुके हैं। इस तरह गुलवीर ने एक ही एशियन गेम्स में तीन अलग-अलग व्यक्तिगत स्पर्धाओं में पदक जीतकर अपने शानदार प्रदर्शन को और खास बना दिया।
पूजा सिंह ने खत्म किया लंबा इंतजार
महिलाओं की हाई जंप में पूजा सिंह ने कांस्य पदक अपने नाम किया। उन्होंने 1.84 मीटर की छलांग लगाई। इस पदक के साथ इस स्पर्धा में भारत का लंबे समय से चला आ रहा पदक का इंतजार भी खत्म हुआ।
शूटिंग में भारत की पकड़ मजबूत
शूटिंग इस एशियन गेम्स में भारत के लिए लगातार पदक लाने वाले खेलों में शामिल रहा है। नीरू धांडा के व्यक्तिगत ट्रैप गोल्ड के अलावा नीरू धांडा, आशिमा अहलावत और मनीषा कीर की टीम ने महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता।
नीरू के लिए यह दिन विशेष रूप से यादगार रहा, क्योंकि उन्होंने एक ही दिन व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण और टीम स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया।
एशियन गेम्स में भारत ने जीते 54 पदक
30 सितंबर की सुबह तक भारत ने एशियन गेम्स में कुल चौवन पदक जीत लिए हैं। इनमें सात स्वर्ण, इक्कीस रजत और छब्बीस कांस्य पदक शामिल हैं।
भारत ने अब तक सात बार पोडियम पर सबसे ऊंची जगह हासिल की है, जबकि इक्कीस मौकों पर रजत और छब्बीस मौकों पर कांस्य पदक अपने नाम किया है। इस तरह भारतीय दल की कुल पदक संख्या चौवन तक पहुंच चुकी है।
29 सितंबर बना पदकों की बारिश वाला दिन
भारत के लिए 29 सितंबर बेहद सफल रहा। उस दिन भारतीय खिलाड़ियों ने दो स्वर्ण, एक रजत और पांच कांस्य समेत कुल आठ पदक जीते। नीरू धांडा के ट्रैप गोल्ड और महिला 4x400 मीटर रिले के स्वर्ण ने दिन को खास बनाया। वहीं गुलवीर सिंह, पूजा सिंह, रिले टीमों और बॉक्सर नरेंदर बरवाल ने कांस्य पदक जीतकर भारत की पदक संख्या में बड़ा इजाफा किया। 30 सितंबर की सुबह महिला कंपाउंड टीम के स्वर्ण ने भारत के पदकों की संख्या को चौवन तक पहुंचा दिया।
अब नजर बाकी मुकाबलों पर
एशियन गेम्स का रोमांच अभी जारी है और भारतीय खिलाड़ी कई स्पर्धाओं में पदक की दौड़ में बने हुए हैं। तीरंदाजी, कुश्ती, शूटिंग, बॉक्सिंग, स्क्वैश और हॉकी समेत कई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के मुकाबले बाकी हैं। भारत के खाते में सात स्वर्ण, इक्कीस रजत और छब्बीस कांस्य समेत कुल चौवन पदक हैं और प्रतियोगिता के आगे बढ़ने के साथ यह संख्या और बढ़ सकती है।






