एंटरटेनमेंट डेस्क, अर्पिता कृष्णा
नई दिल्ली: नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज 'ऑपरेशन सफेद सागर' में अभिनेता अभय वर्मा भारतीय वायुसेना के अधिकारी फ्लाइंग ऑफिसर आरएस धालीवाल का किरदार निभा रहे हैं। यह सीरीज 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के ऑपरेशन सफेद सागर में योगदान और नंबर 17 स्क्वाड्रन यानी 'गोल्डन एरोज' के अधिकारियों की कहानी से प्रेरित है।
आरएस धालीवाल का पूरा नाम राजपाल सिंह धालीवाल था। कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने भारतीय वायुसेना के ऑपरेशनल मिशनों में हिस्सा लिया। उपलब्ध सेवा रिकॉर्ड के अनुसार, उनके प्रदर्शन में साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए उन्हें वायु सेना पदक (वीरता) से सम्मानित किया गया था।
ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान धालीवाल ने कठिन परिस्थितियों में नाइट स्ट्राइक मिशनों में हिस्सा लिया था। रिकॉर्ड के मुताबिक, इन अभियानों में उन्होंने अपने निर्धारित लक्ष्य पर हथियारों का इस्तेमाल किया और मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। उनके इसी साहस और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए उन्हें वायु सेना पदक से सम्मानित किया गया।
कारगिल युद्ध के बाद धालीवाल का भारतीय वायुसेना में करियर जारी रहा। बाद में वह सूर्य किरण एरोबैटिक टीम का हिस्सा बने। सूर्य किरण भारतीय वायुसेना की एरोबैटिक टीम है, जिसमें पायलट जटिल हवाई अभ्यास और प्रदर्शन करते हैं। धालीवाल ने भी टीम के साथ प्रशिक्षण और हवाई अभ्यास में हिस्सा लिया।
21 जनवरी 2009 को एक प्रशिक्षण उड़ान के दौरान धालीवाल का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा कर्नाटक के बीदर के पास हुआ। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, वह Kiran HJT-16 विमान में सूर्य किरण से जुड़े प्रशिक्षण मिशन पर थे। दुर्घटना में उनकी मौत हो गई। उस समय वह भारतीय वायुसेना में विंग कमांडर के पद पर थे।
वेब सीरीज में अभय वर्मा ने आरएस धालीवाल की भूमिका निभाई है। सीरीज में उनके किरदार को 'धाली' नाम से दिखाया गया है। हालांकि, स्क्रीन पर दिखाई गई कहानी एक नाटकीय प्रस्तुति है, जबकि वास्तविक धालीवाल भारतीय वायुसेना के अधिकारी थे, जिन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन सफेद सागर में हिस्सा लिया और बाद में सूर्य किरण टीम से जुड़े।
'ऑपरेशन सफेद सागर' 7 अगस्त 2026 से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। सीरीज के जरिए 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना की भूमिका और उसमें शामिल अधिकारियों की कहानियों को पर्दे पर प्रस्तुत किया गया है। आरएस धालीवाल की कहानी भी उन अधिकारियों में से एक की है, जिनकी सैन्य सेवा और बलिदान को इस सीरीज के जरिए दर्शकों के सामने लाया गया है।







