स्टेट डेस्क, नीतीश कुमार।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रतीकात्मक तरीके से विरोध दर्ज कराया।
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले सपा विधायक अतुल प्रधान हाथों में पोस्टर और होर्डिंग लेकर विधानसभा पहुंचे। हंगामे की स्थिति को विधानसभा अध्यक्ष ने शांत कराया, जिसके बाद प्रश्नकाल की कार्यवाही प्रारंभ हुई। अतुल प्रधान के एक पोस्टर में कफ सिरप की तस्वीर के साथ सिपाही आलोक सिंह के आवास की फोटो लगी थी। इसके माध्यम से उन्होंने सवाल उठाया कि इस मामले में बुलडोजर की कार्रवाई कब की जाएगी। वहीं, एक अन्य पोस्टर में लैंड क्रूजर वाहन की तस्वीर दिखाते हुए उन्होंने पूछा कि कथित रूप से माफिया से जुड़ी इस गाड़ी को कब जब्त किया जाएगा। इस पोस्टर के जरिए उन्होंने धनंजय सिंह को निशाने पर लिया।
अतुल प्रधान अपने साथ सीटियां भी लेकर आए थे और लगातार सीटियां बजाकर विरोध जताते रहे। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की आवाज दबाए जाने के विरोध में है और उसी घटना के खिलाफ यह प्रतीकात्मक विरोध किया जा रहा है। उन्होंने एक तस्वीर दिखाते हुए दावा किया कि यह विभोर राणा की है, जिनके आवास पर हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की थी, जहां 100 करोड़ रुपये से अधिक के कथित अवैध लेन-देन का मामला सामने आया है।
अतुल प्रधान ने सवाल उठाया कि उक्त तस्वीर में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक क्यों नजर आ रहे हैं। इसी दौरान कानपुर से सपा विधायक हसन रूमी कफ सिरप की बोतलें लेकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कफ सिरप की बोतलों को अपने गले में लटका रखा था। हसन रूमी ने कहा कि वे प्रतीकात्मक रूप से कफ सिरप विधानसभा लेकर आए हैं, ताकि सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकृष्ट किया जा सके। सपा विधायकों के इस प्रदर्शन के कारण विधानसभा परिसर में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बनी रही।







