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कमल हासन ने ट्रंप को लताड़ा: 'अपना बिजनेस देखिए, भारत अब आदेश नहीं लेता

नेशनल डेस्क, मुस्कान कुमारी।

चेन्नई। अभिनेता और राजनीतिज्ञ कमल हासन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुला पत्र लिखकर करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि भारत एक स्वतंत्र, संप्रभु राष्ट्र है और अब किसी दूर की विदेशी धरती से आदेश नहीं मानता। कमल हासन ने ट्रंप से साफ कहा- "कृपया अपना बिजनेस अपनी क्षमता के अनुसार खुद देखें।"

यह तीखा बयान अमेरिका द्वारा भारत को रूस से तेल खरीदने की 30 दिनों की अस्थायी छूट देने के ठीक बाद आया है। यह छूट वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच दी गई, जहां पश्चिम एशिया में ईरान युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। इससे वैश्विक तेल कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और आपूर्ति पर गहरा असर पड़ा है।

एक्स पर खुला पत्र

कमल हासन ने अपने एक्स अकाउंट पर ट्रंप को संबोधित करते हुए लिखा: "अमेरिका के राष्ट्रपति महोदय @POTUS, प्रिय महोदय, हम भारत के लोग एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र से हैं। हम अब दूर की विदेशी धरती से आदेश नहीं लेते। कृपया अपना बिजनेस अपनी क्षमता के अनुसार खुद देखें। संप्रभु राष्ट्रों के बीच आपसी सम्मान ही स्थायी वैश्विक शांति की नींव है।"

उन्होंने पत्र का समापन करते हुए कहा: "हम आपके देश और उसके लोगों को शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। कमल हासन – एक गर्वित भारतीय नागरिक, संस्थापक, मक्कल नीधी मैयम।"

पहले भी उठाए थे आवाज

यह कमल हासन का ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर पहला हमला नहीं है। पिछले साल उन्होंने अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यातकों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने को "भारतीय आजीविका की संप्रभुता पर हमला" बताया था। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से निर्यातकों को तत्काल राहत देने की अपील की थी।

कमल हासन ने तब कहा था: "यह महज संकट प्रबंधन नहीं, बल्कि आने वाले दशक की मिशन होना चाहिए कि भारत कल की सप्लाई चेन में अपनी जगह मजबूत करे- दुर्लभ पृथ्वी, सेमीकंडक्टर, बैटरी, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस्ड टेक्सटाइल्स में। तभी हम समुद्र पार से टैरिफ और धमकियों से परे होंगे।"

उन्होंने आगे जोड़ा: "आत्मनिर्भरता कोई नारा नहीं, बल्कि रणनीतिक बीमा है। जब भारतीय आजीविका की संप्रभुता चुनौती में हो, तो राष्ट्र को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।"

अमेरिकी छूट पर विवाद

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने इस 30 दिनों की छूट की घोषणा की, जो 5 मार्च से 4 अप्रैल तक प्रभावी है। यह छूट उन रूसी तेल के कार्गो पर लागू है जो पहले से समुद्र में फंसे हैं। बेसेंट ने कहा कि यह कदम वैश्विक बाजार में तेल के प्रवाह को बनाए रखने के लिए "अस्थायी उपाय" है, ताकि ईरान युद्ध से उत्पन्न दबाव कम हो।

ट्रंप ने खुद कहा कि यह "दबाव कम करने" के लिए है, क्योंकि दुनिया में बहुत सारा तेल है और स्थिति जल्द ठीक हो जाएगी। लेकिन कई भारतीयों ने इसे "परमिशन" के रूप में पेश करने पर आपत्ति जताई। भारत ने स्पष्ट किया कि उसने कभी किसी देश से रूसी तेल खरीदने की "इजाजत" नहीं मांगी और वह अपनी नीति के अनुसार आयात जारी रखेगा।

कमल हासन, जो मक्कल नीधी मैयम पार्टी के संस्थापक हैं, सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहते हैं। उनका यह पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों में भारत की संप्रभुता व स्वतंत्र विदेश नीति को लेकर गर्व की भावना पैदा कर रहा है।