स्टेट डेस्क - प्रीति पायल
पटना। बिहार में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने कहा है कि राजग सरकार अब कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराएगी। पार्टी के प्रवक्ता अरविंद निषाद ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे लाखों परिवारों की स्वास्थ्य संबंधी चिंता खत्म होगी।
जदयू के अनुसार बिहार कैबिनेट ने बिहार सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत कैशलेस चिकित्सा सुविधा को मंजूरी दे दी है। इस योजना का लाभ बिहार विधान मंडल के वर्तमान और पूर्व सदस्य, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी, राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी, पेंशनधारी और उनके परिवारों को मिलेगा। सरकार का उद्देश्य इलाज के दौरान आर्थिक बोझ को कम करना और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
प्रवक्ता अरविंद निषाद ने कहा कि लंबे समय से कर्मचारी संगठनों और पेंशनरों की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं को आसान और व्यवस्थित बनाने की मांग की जा रही थी। सरकार ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार लगातार जनहित से जुड़े फैसले ले रही है और यह कदम भी उसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद लाभार्थियों को अस्पताल में भर्ती होने पर जेब से तत्काल पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। सरकार स्वास्थ्य योजना से जुड़े अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा देगी। बताया जा रहा है कि कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए विशेष हेल्थ कार्ड भी जारी किए जाएंगे, जिनके माध्यम से सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में इलाज कराया जा सकेगा।
जदयू ने कहा कि इस फैसले से खासकर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि बढ़ते मेडिकल खर्च उनके लिए चिंता का कारण बनते रहे हैं। पार्टी का मानना है कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा से लोगों में सुरक्षा और सम्मान की भावना मजबूत होगी तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच और आसान बनेगी।
सरकार जल्द ही इस योजना से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगी। इसमें इलाज की सीमा, अस्पतालों की सूची और अन्य प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला आगामी समय में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के बीच सरकार की सकारात्मक छवि को मजबूत कर सकता है।







