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कल्पना सुंदर होती पर वास्तविकता कड़वी : बिमल सर्राफ

लोकल डेस्क, ऋषि राज।

रक्सौल: कल्पना सुंदर होती है पर उसे जिया नहीं जा सकता और वास्तविकता कड़वी होती है पर उसे छोड़ा नहीं जा सकता। उक्त विचार लायंस क्लब ऑफ रक्सौल के अध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी सह सामाजिक कार्यकर्ता एवं भारत विकास परिषद्, रक्सौल के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल सर्राफ ने प्रेस से साझा किया। शब्द भी एक प्रकार से भोजन है,अगर आपको अच्छा न लगे,तो दूसरों को भी मत परोसिए।

बस इस बात से जानने की शुरुआत करना है कि हमारे जीवन में हमारा क्या है,जब हम निष्कर्ष तक पहुँचेंगे,तब केवल ईश्वर ही शेष रह जाएंगे,उसके अलावा कुछ नहीं। सांसों का रूक जाना ही मृत्यु नहीं है,वह व्यक्ति भी मरा हुआ ही है जिसने गलत को गलत कहने की नैतिकता खो दी है। मुश्किलों का आना 'पार्ट ऑफ लाइफ' है और उनमें से हंसकर बाहर आना 'आर्ट ऑफ लाइफ' है। मुस्कुराकर मुश्किलों पर जीत पाएं,यदि हमारे स्वभाव में घमण्ड है तो हमें बर्बाद करने के लिए दुश्मन नहीं,हम खुद ही काफी है। धन और रूप दोनों समय के साथ बदल जाते हैं इसलिए विनम्र रहें,यही सबसे बड़ी सुंदरता है।

अगर अंधे आदमी को दिखने लग जाए तो सबसे पहले उस छड़ी को ही फेंकता है जिसने हमेशा उसका साथ दिया।जब ज्ञान भावनाओं को अस्त्र में बदलने लगे तो ज्ञान से भी विराम लेना चाहिए। किसी से ऐसे सवाल कभी नहीं करना जिसका उत्तर हमारे मुताबिक़ मिलना असंभव हो अन्यथा ख़ुद को ही दुःखी होना पड़ेगा क्योंकि लोग बहुत ही प्रैक्टिकल होते हैं। लोगों को उनके व्यवहार से समझना सीखना होगा।उनके शब्द हमें मूर्ख बना सकते हैं। फ्यूचर कोई ऐसी चीज नहीं है जिसमें हम प्रवेश करते हैं, फ्यूचर वह चीज है जिसे हम हीं बनाते है। चाबी से खोला गया ताला बार-बार काम आता है और हथौड़े से खोला गया ताला दोबारा कभी काम नहीं आता है,अतः आपसी संबंधों के ताले को क्रोध के हथौड़े के बजाए,हमेशा प्रेम की चाबी से खोलने का प्रयास करें।