Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

कांग्रेस ने BCCI को लिखा खत, पाकिस्तान मैच को लेकर जताई आपत्ति

विदेश डेस्क, ऋषि राज |

एशिया कप 2025 को लेकर एक नई राजनीतिक बहस छिड़ गई है। कांग्रेस पार्टी ने आगामी 14 सितंबर को भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट मैच पर सवाल उठाते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को औपचारिक पत्र लिखा है। पार्टी ने पत्र में बीसीसीआई से स्पष्ट करने को कहा है कि मौजूदा हालात में पाकिस्तान से क्रिकेट खेलना क्या देशहित में उचित है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सीमा पर लगातार तनाव, आतंकवाद और पाकिस्तान प्रायोजित हिंसा को देखते हुए ऐसे मैच का आयोजन देश की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। पत्र में लिखा गया है कि बीसीसीआई को यह ध्यान रखना चाहिए कि क्रिकेट केवल खेल नहीं बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं से जुड़ा विषय है। पार्टी ने मांग की है कि केंद्र सरकार और बीसीसीआई इस पर स्पष्ट रुख अपनाएं और जनता को बताएं कि क्या राष्ट्रीय सुरक्षा और शहीदों के बलिदान से बड़ा कोई क्रिकेट टूर्नामेंट हो सकता है।

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस का यह कदम एशिया कप से पहले राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित कर सकता है। विपक्ष का तर्क है कि सरकार एक तरफ पाकिस्तान के खिलाफ सख्त बयान देती है और दूसरी तरफ क्रिकेट मुकाबलों की इजाज़त देती है, जो विरोधाभास को दर्शाता है।

बीसीसीआई की ओर से अभी तक इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, बोर्ड पहले भी यह साफ कर चुका है कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में खेलने का निर्णय सरकार की अनुमति से ही होता है। ऐसे में अब निगाहें केंद्र सरकार पर टिकी हैं कि वह इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है।

इधर, क्रिकेट प्रशंसकों के बीच भी इस मामले को लेकर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग खेल को राजनीति से अलग रखने की वकालत कर रहे हैं, वहीं बड़ी संख्या में लोग कांग्रेस के रुख का समर्थन करते हुए पाकिस्तान से मैच रद्द करने की मांग कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि बीसीसीआई और सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या फैसला लेती हैं, क्योंकि 14 सितंबर को होने वाला यह मैच केवल एशिया कप का हिस्सा नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं का केंद्र बन चुका है।