नेशनल डेस्क - प्रीति पायल
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अरुणाचल प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री Pema Khandu को लेकर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है और प्रधानमंत्री Narendra Modi से उनका इस्तीफा लेने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि यह मामला भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग से जुड़ा हुआ है, इसलिए नैतिक आधार पर मुख्यमंत्री को पद छोड़ देना चाहिए।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री खांडू के परिवार से जुड़ी कंपनियों को सरकारी ठेकों में कथित लाभ पहुंचाने के आरोपों पर सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। अदालत ने मामले की प्रारंभिक जांच कराने को कहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकारी प्रक्रियाओं का पालन हुआ था या नहीं। इस आदेश के बाद विपक्ष लगातार भाजपा सरकार को घेर रहा है।
कांग्रेस महासचिव Jairam Ramesh ने कहा कि भाजपा हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की बात करती है, लेकिन जब मामला अपने नेताओं का आता है तो चुप्पी साध ली जाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को इस मुद्दे पर देश के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मुख्यमंत्री के परिवार से संबंधित कंपनियों को सरकारी परियोजनाओं में अनुचित तरीके से फायदा पहुंचाया गया। पार्टी ने कहा कि अगर जांच निष्पक्ष हुई तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। विपक्ष ने इसे “भ्रष्टाचार का गंभीर मामला” बताते हुए पारदर्शी जांच की मांग की है।
वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह राजनीतिक करार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अभी केवल जांच के आदेश दिए गए हैं और किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है। भाजपा का दावा है कि विपक्ष बिना तथ्य सामने आए ही राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।
इस मुद्दे को लेकर अरुणाचल प्रदेश समेत राष्ट्रीय राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस लगातार भाजपा सरकार को घेरने में लगी है, जबकि भाजपा इसे विपक्ष की साजिश बता रही है। अब सभी की नजर सीबीआई जांच और सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हुई है।







