नेशनल डेस्क, मुस्कान कुमारी।
पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में नई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी सिया गोयल ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल का मोबाइल फोन हत्या के बाद कुछ समय तक अपने पास रखा था, जिसे बाद में उन्होंने परिवार को सौंपा।
लोहागढ़ किले के ऐतिहासिक स्थल पर 18 जून को केतन अग्रवाल को कथित तौर पर क्लिफ से धक्का देकर मौत के घाट उतारा गया। पुलिस के अनुसार, 20 वर्षीय सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी 22 वर्षीय चेतन चौधरी ने इस साजिश को अंजाम दिया। दोनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज है।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, केतन अग्रवाल और सिया गोयल का शादी का रिश्ता नवंबर 2026 में तय था। दोनों लोहागढ़ किले घूमने गए थे, जहां यह घटना घटी। पुलिस ने जांच के दौरान फोन की लोकेशन और अन्य डिजिटल सबूतों से खुलासा किया कि फोन हत्या के तुरंत बाद सिया के कब्जे में था।
जांच में फोन का राज खुला
पुलिस ने बताया कि सिया गोयल ने केतन के परिवार को फोन सौंपने से पहले उसे अपने पास रखा। इस दौरान फोन की गतिविधियों और डेटा की जांच से कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि फोन को हत्या के बाद छिपाने की कोशिश की गई, जो पूरे मामले की साजिश को और मजबूत करती है।
आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया
29 जून 2026 को सिया गोयल को लोनावाला कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी रखी है। जांच टीम फोन के कॉल रिकॉर्ड्स, मैसेज और लोकेशन डेटा की गहन छानबीन कर रही है।
केतन अग्रवाल पुणे में रियल एस्टेट से जुड़े व्यवसायी थे। परिवार ने उनकी अचानक मौत को लेकर शुरुआत में संदेह जताया था, जिसके बाद पुलिस ने पूरे मामले को हत्या के रूप में दर्ज कर जांच शुरू की। लोहागढ़ किले की ऊंचाई से गिरने के कारण मौत हुई, लेकिन पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर हत्या का मामला बनाया।
साजिश की पुष्टि
जांच में सामने आया कि सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच लंबे समय से संबंध थे। केतन के साथ उनकी सगाई के बावजूद दोनों ने मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
इस मामले में फोरेंसिक टीम भी सक्रिय है। किले के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल टावर लोकेशन से घटना की समयरेखा तैयार की जा रही है।







