नेशनल डेस्क, श्रेयांश पराशर l
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर देशभर के श्रद्धालुओं के नाम एक पत्र लिखकर उन्हें पांच संकल्प लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम और चारधाम यात्रा भारत की आस्था, एकता और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि उत्तराखंड की देवभूमि में स्थित केदारनाथ धाम के कपाट विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। इस पावन अवसर पर उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए यात्रा को आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा दिव्य अनुभव बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर अपने विचार व्यक्त किए।
अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से स्वच्छता बनाए रखने, नदियों की सफाई में योगदान देने, प्लास्टिक का उपयोग न करने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और स्थानीय उत्पादों को अपनाने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन संकल्पों से न केवल यात्रा पवित्र और सुगम बनेगी, बल्कि पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने सेवा, सहयोग और एकता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सभी श्रद्धालु नियमों और यातायात दिशानिर्देशों का पालन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुव्यवस्थित रह सके। प्रधानमंत्री ने स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए यात्रियों से अधिक से अधिक स्थानीय उत्पाद खरीदने की भी अपील की।
प्रधानमंत्री मोदी ने अंत में बाबा केदार से सभी के सुख-समृद्धि और सफल यात्रा की कामना करते हुए “हर-हर महादेव” का उद्घोष किया। उनका यह संदेश श्रद्धालुओं के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा का स्रोत माना जा रहा है।







