नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार
तिरुवनंतपुरम, केरल विधानसभा चुनाव में गुरुवार शाम पांच बजे तक 75 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। राज्य की सभी 140 सीटों के लिए मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और यह प्रक्रिया शाम छह बजे तक जारी रही।
चुनाव आयोग के अनुसार शाम पांच बजे तक कुल 75.01 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान केंद्रों पर समय समाप्ति के करीब भी मतदाताओं की कतारें लगी रहीं और पूरे राज्य में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होता रहा। कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
जिलों की बात करें तो कोझिकोड में सबसे अधिक 77.63 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि पथनमथिट्टा में सबसे कम 68.90 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके अलावा अलाप्पुझा में 74.47 प्रतिशत, एर्नाकुलम में 77.25, इडुक्की में 74.55, कन्नूर में 74.83, कासरगोड में 74.55, कोल्लम में 73.78, कोट्टयम में 72.18, मलप्पुरम में 75.70, पालक्काड़ में 77.09, तिरुवनंतपुरम में 74.11, त्रिसूर में 74.34 और वायनाड में 74.72 प्रतिशत मतदान हुआ।
चुनाव आयोग ने राज्य में 85 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य रखा है और इसके लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सुबह से ही मतदाता बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचे और कई स्थानों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। शुरुआती मतदान में महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और पहली बार वोट डालने वालों की सक्रिय भागीदारी रही।
राज्य की 140 सीटों के लिए कुल 890 उम्मीदवार मैदान में हैं और 30,471 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। कुल मतदाताओं की संख्या 2.71 करोड़ से अधिक है, जिसमें 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 उभयलिंगी मतदाता शामिल हैं।
मतदान के दौरान एक दुखद घटना भी सामने आई, जब त्रिशूर में मतदान करने के कुछ ही समय बाद 62 वर्षीय एक मतदाता की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई।
केरल में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के बीच है, जबकि भारतीय जनता पार्टी भी चुनाव में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश कर रही है।
मतगणना चार मई को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे।







