नेशनल डेस्क, श्रेयांश पराशर l
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर गंभीर वायु प्रदूषण और घने कोहरे की दोहरी मार झेल रही है। ठंड और स्थिर मौसम के बीच प्रदूषकों के जमाव ने हवा को बेहद जहरीला बना दिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, रविवार सुबह दिल्ली के अधिकांश इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। आनंद विहार में AQI 493 तक पहुंच गया, जो राजधानी में सबसे खराब स्तर रहा।
सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक, रोहिणी में AQI 488, वजीरपुर में 483 और बवाना में 478 दर्ज किया गया। द्वारका सेक्टर-8 में सुबह करीब नौ बजे AQI 471 और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम क्षेत्र में 470 रहा। वहीं, चांदनी चौक में AQI 466 के साथ प्रदूषण गंभीर बना रहा। नजफगढ़ में AQI अपेक्षाकृत कम 307 दर्ज किया गया, लेकिन यह स्तर भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह माना जाता है।
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में हल्के से मध्यम कोहरे के कारण दृश्यता में कमी आई है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। सुबह के समय हवा शांत रहने से प्रदूषक वातावरण में फंसे रहे, जबकि दिन में हवा की गति धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना जताई गई है। विभाग का अनुमान है कि न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि अधिकतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।
गंभीर होती स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत स्टेज-IV के कड़े प्रतिबंध फिर से लागू कर दिए हैं। इसके तहत निर्माण गतिविधियों पर रोक, गैर-जरूरी डीजल वाहनों पर प्रतिबंध और औद्योगिक इकाइयों पर सख्ती जैसे कदम शामिल हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और श्वसन रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने, मास्क पहनने और प्रदूषित हवा के सीधे संपर्क से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। प्रशासन ने भी हालात पर नजर रखते हुए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया है।







