स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।
संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले से सामने आया एक सनसनीखेज हत्याकांड रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला है। शादी के 12 साल बाद पत्नी रूबी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति राहुल की नृशंस हत्या कर दी। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे हत्याकांड को अंजाम देने के लिए महज ₹1400 के सामान; काली पन्नी, बैग और ग्राइंडर का इस्तेमाल किया गया।
रूबी ने पति राहुल के साथ सात फेरे लेकर जिंदगी भर साथ निभाने का वादा किया था, लेकिन वक्त के साथ यह रिश्ता टूटता चला गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि रूबी ने पूरी प्लानिंग के साथ हत्या की पटकथा लिखी और बेरहमी से वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद शव को टुकड़ों में काटकर अलग-अलग जगह ठिकाने लगाया गया। इस दौरान आरोपी के हाथ तक नहीं कांपे।
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद कमरे में रखी चारपाई और हीटर पर खून के धब्बे मिले। सांसें थमने के बाद राहुल के शव के कई टुकड़े किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के लिए इस्तेमाल किए गए सामान ऑनलाइन और स्थानीय स्तर पर खरीदे गए थे।
मोबाइल ट्रांजेक्शन की जांच में पता चला कि शव को ढकने के लिए ₹100 की काली पन्नी खरीदी गई थी। वहीं ₹1100 के दो बैग लिए गए, जिनमें से एक ₹400 का था, जिसमें धड़ रखकर नाले में फेंका गया। दूसरा ₹700 का बैग था, जिसमें हाथ, पैर और सिर डालकर गंगा में बहाया गया। शव के टुकड़े करने के लिए ₹200 प्रतिदिन के हिसाब से ग्राइंडर किराये पर लिया गया था।
इतना ही नहीं, शव के अंगों को दूर-दूर तक फेंकने के लिए ₹1300 में एक कार भी किराये पर मंगवाई गई थी। वारदात के बाद रूबी और उसका प्रेमी अलग-अलग रहने लगे और सामान्य जिंदगी जीने का नाटक करते रहे।
पुलिस पूछताछ में जब हत्या की योजना को लेकर सवाल किया गया तो रूबी ने बताया कि उस वक्त वह सही-गलत कुछ नहीं सोच पा रही थी और गुस्से में यह कदम उठा लिया। पुलिस का कहना है कि रूबी के मोबाइल से कई अहम सुराग मिले हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि उसका आचरण लंबे समय से संदिग्ध था।
राहुल की हत्या की गुत्थी सुलझाने में रूबी का मोबाइल फोन सबसे बड़ा सबूत बना। शव मिलने के बाद जब पत्नी को बुलाकर कपड़े दिखाए गए तो उसने पहचानने से इनकार कर दिया। बाद में आसपास के लोगों ने संकेत दिए कि कपड़े राहुल के ही हैं। इसके बाद पुलिस ने रूबी का मोबाइल जब्त किया।
मोबाइल की गैलरी में राहुल की एक तस्वीर मिली, जिसमें वह वही कपड़े पहने हुए था जो बाद में बरामद हुए थे। कॉल डिटेल खंगालने पर पता चला कि पिछले तीन महीनों में रूबी ने अपने प्रेमी गौरव से करीब 1100 बार बातचीत की थी। गौरव से सख्ती से पूछताछ करने पर पूरे हत्याकांड की परतें खुलती चली गईं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि रूबी गौरव के अलावा अभिषेक उर्फ सौरभ नामक युवक से भी फोन पर बात करती थी। हालांकि पूछताछ के बाद अभिषेक का इस मामले से कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया, जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया। कॉल डिटेल में कुछ अन्य संदिग्ध नंबर भी सामने आए हैं।
पुलिस ने जब रूबी के बच्चों से बातचीत की तो पता चला कि गौरव अक्सर राहुल की गैरमौजूदगी में घर आता था। बच्चों को घर से बाहर रखने के लिए वह उन्हें पैसे देकर सामान लाने भेज देता था और फिर लंबे समय तक घर में ही रुका रहता था।
फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।







