नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार।
नई दिल्ली, 21 जनवरी। गणतंत्र दिवस समारोह में सेना की 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) राष्ट्रीय ध्वज को 21 तोपों की पारंपरिक सलामी देगी। समारोह के दौरान यह आर्टिलरी बैटरी देश में ही बनी 105 मिमी लाइट फील्ड तोपों से फायरिंग कर सलामी देगी।
गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज को 21 तोपों की सलामी देना एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण सैन्य परंपरा है। कर्तव्य पथ के लॉन से दी जाने वाली यह सलामी राष्ट्रीय ध्वज को दिया जाने वाला सर्वोच्च सैन्य सम्मान मानी जाती है। इस प्रक्रिया में तीन गतिविधियों का एक साथ समन्वय होता है, जिसमें प्रोटोकॉल अधिकारी द्वारा ध्वज फहराना, सेना बैंड द्वारा राष्ट्रगान का वादन और राष्ट्रपति बॉडीगार्ड द्वारा राष्ट्रीय सलामी देना शामिल है।
यह सेरेमोनियल बैटरी दिल्ली में तैनात है और राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न अवसरों पर पारंपरिक फायरिंग कर सलामी देना इसकी जिम्मेदारी है। इनमें कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस, राजघाट पर शहीद दिवस, लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस और राष्ट्रपति भवन में राष्ट्राध्यक्षों के दौरे के दौरान होने वाले कार्यक्रम शामिल हैं।
1721 फील्ड बैटरी, 172 फील्ड रेजिमेंट का हिस्सा है, जो 36 आर्टिलरी ब्रिगेड के मुख्यालय के अंतर्गत कार्य करती है। 21 तोपों की सलामी के लिए इस बार 105 मिमी लाइट फील्ड गन का उपयोग किया जाएगा, जो एक स्वदेशी तोप प्रणाली है। इससे पहले यह सलामी ब्रिटिश काल की 25 पाउंडर तोपों से दी जाती थी।
यह स्वदेशी तोप प्रणाली आत्मनिर्भर भारत की दिशा में देश की रक्षा निर्माण क्षमता को दर्शाती है। पहले लंबे समय तक 21 तोपों की सलामी के लिए ब्रिटिश दौर की 25 पाउंडर तोपों का इस्तेमाल किया जाता रहा है।
1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) सेना की एक विशेष इकाई है, जो गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों में 21 तोपों की पारंपरिक सलामी देती है। सलामी के दौरान ध्वनि और धुएं के लिए विशेष सेरेमोनियल कारतूसों का प्रयोग किया जाता है, जिससे किसी प्रकार की क्षति नहीं होती।







