गणतंत्र दिवस से पूर्व भारत - नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, आवाजाही पर सख्त निगरानी
लोकल डेस्क, नीतीश कुमार।
गणतंत्र दिवस को देखते हुए भारत - नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा इंतज़ामों को और मजबूत किया गया है। पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल बॉर्डर समेत सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां पूरी मुस्तैदी के साथ निगरानी में जुटी हैं। इसका मकसद किसी भी तरह की अवैध गतिविधि, तस्करी अथवा असामाजिक तत्वों की आवाजाही को रोकना है।
मैत्री पुल सहित कई सीमावर्ती मार्गों पर विशेष चौकसी
आगामी गणतंत्र दिवस के मद्देनज़र मैत्री पुल, सहदेवा, महदेवा, मुशहरवा, सीवानटोला और पनटोका बॉर्डर जैसे संवेदनशील स्थानों पर सशस्त्र सीमा बल की 47वीं बटालियन द्वारा कड़ी निगरानी की जा रही है। इन मार्गों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है और चौबीसों घंटे लगातार गश्त जारी है।
वाहनों और लोगों की सघन जांच
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीमा से आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के पहचान पत्रों की बारीकी से जांच की जा रही है। साथ ही दोपहिया, चारपहिया और मालवाहक वाहनों की भी गहन तलाशी ली जा रही है। वैध दस्तावेजों के बिना किसी को भी सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
इस संबंध में संजय पांडेय, 47वीं बटालियन के कमांडेंट, ने बताया कि गणतंत्र दिवस के मौके पर किसी भी तरह की अवांछनीय गतिविधि या तस्करी की आशंका को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है और खुफिया सूचनाओं के आधार पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर
कमांडेंट ने यह भी बताया कि अवैध घुसपैठ, मादक पदार्थों की तस्करी, हथियारों की आवाजाही और अन्य असामाजिक गतिविधियों को विफल करने के लिए हर संभावित स्थान पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे जांच प्रक्रिया में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा बलों को दें।
सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि गणतंत्र दिवस को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में मनाने के लिए किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।







