लोकल डेस्क, मुस्कान कुमारी।
- कमरा नंबर तीन में एसी में खराबी के बाद लगी आग, दमकल ने पाया काबू; विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने सभी उपकरणों की जांच कराने की मांग की।
गयाजी। बिहार के गयाजी स्थित सर्किट हाउस में बुधवार को एसी में खराबी के बाद आग लग गई। घटना के बाद दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। इस दौरान विदेश मंत्रालय के निदेशक मनोज कुमार और उनकी पत्नी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
आग कमरा नंबर तीन में लगी थी, जबकि मनोज कुमार अपनी पत्नी के साथ कमरा नंबर दो में ठहरे हुए थे। घटना की जानकारी मिलने पर बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार भी सर्किट हाउस पहुंचे और मनोज कुमार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।
कमरा नंबर तीन में लगी आग
जानकारी के मुताबिक, बुधवार को सर्किट हाउस के कमरा नंबर तीन में लगे एयर कंडीशनर (एसी) में खराबी आने के बाद आग लग गई। कुछ ही देर में कमरे में धुआं फैलने लगा। घटना की सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम को बुलाया गया।
दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू किया और स्थिति को नियंत्रित किया। आग लगने के कारण परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी। हालांकि, समय रहते आग पर काबू पा लिया गया।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि एसी में किस तरह की खराबी आई थी और आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी। घटना के बाद कमरे और उपकरण को हुए नुकसान के बारे में भी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
विदेश मंत्रालय के निदेशक और पत्नी सुरक्षित
घटना के समय भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के निदेशक मनोज कुमार अपनी पत्नी के साथ सर्किट हाउस के कमरा नंबर दो में ठहरे हुए थे। आग की सूचना मिलने के बाद दमकल टीम ने दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना में किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है। हालांकि, आग लगने के बाद परिसर के अन्य कमरों में धुआं फैलने या वहां ठहरे लोगों पर किसी तरह का असर पड़ने की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
सर्किट हाउस में अधिकारियों और अन्य अतिथियों के ठहरने की व्यवस्था होती है। ऐसे में वहां बिजली के उपकरणों की नियमित जांच और आग से बचाव के इंतजाम जरूरी हैं।
प्रेम कुमार ने उपकरणों की जांच की मांग की
सर्किट हाउस में आग लगने की सूचना मिलने पर बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने विदेश मंत्रालय के निदेशक मनोज कुमार से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।
इसके बाद प्रेम कुमार ने जिला प्रशासन से सर्किट हाउस में लगे सभी बिजली के उपकरणों और अन्य मशीनों की दोबारा जांच कराने की मांग की। इसका उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना और परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
हालांकि, प्रशासन की ओर से जांच के लिए कोई औपचारिक आदेश जारी किए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि एसी की तकनीकी जांच शुरू हुई है या नहीं।
सरकारी भवनों में सुरक्षा जांच जरूरी
सर्किट हाउस जैसे सरकारी भवनों में एसी, बिजली के तारों, स्विच बोर्ड और अन्य उपकरणों का नियमित रखरखाव जरूरी है। उपकरणों में खराबी होने पर आग लगने का खतरा पैदा हो सकता है। समय पर जांच से ऐसी समस्याओं की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
इसके साथ ही आग बुझाने के उपकरणों की उपलब्धता और आपात स्थिति में कर्मचारियों की तैयारी भी अहम है। गयाजी की इस घटना के बाद उपकरणों की जांच कराने की मांग ने सरकारी भवनों में सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत को फिर सामने रखा है।







