लोकल डेस्क, संजय दास थारू।
वीरगंज: महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए गर्भाशय में बनने वाली गांठ अर्थात फाइब्रॉइड (Uterine Mass/Fibroid) के संबंध में जनचेतना फैलाने के उद्देश्य से एक जानकारीमूलक सामग्री सार्वजनिक की गई है। महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ परिवार को केंद्र में रखते हुए फाइब्रॉइड के लक्षण, प्रकार तथा उपचार के संभावित विकल्पों की जानकारी दी गई है।
स्त्री तथा प्रसूति रोग विशेषज्ञ डा. श्वेता चौधरी के अनुसार गर्भाशय में बनने वाला फाइब्रॉइड महिलाओं में देखी जाने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में से एक है। पोस्टर में गर्भाशय में बनने वाले विभिन्न प्रकार के फाइब्रॉइड को चित्र के माध्यम से भी दर्शाया गया है। इनमें सबसेरोसल, इंट्राम्यूरल और सबम्यूकोसल फाइब्रॉइड शामिल हैं।
फाइब्रॉइड होने पर सभी महिलाओं में एक जैसे लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है। कुछ महिलाओं में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखता, जबकि कुछ में दैनिक जीवन को प्रभावित करने वाली समस्याएं सामने आ सकती हैं। पोस्टर में संभावित लक्षणों के रूप में अत्यधिक मासिक धर्म होना, निचले पेट तथा पेल्विक क्षेत्र में दर्द, कुछ मामलों में प्रजनन संबंधी समस्या, खून की कमी और थकान जैसी समस्याओं का उल्लेख किया गया है। कुछ मामलों में पेशाब संबंधी परेशानी भी हो सकती है।
विशेष रूप से मासिक धर्म के दौरान सामान्य से अधिक रक्तस्राव होना, लंबे समय तक रक्तस्राव जारी रहना, निचले पेट में लगातार दर्द या असहजता महसूस होना जैसी समस्याओं को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेना आवश्यक है।
उपचार के विभिन्न विकल्प
फाइब्रॉइड का उपचार मरीज की स्थिति, लक्षण, गांठ के आकार एवं स्थान तथा चिकित्सकीय मूल्यांकन के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। पोस्टर में उपचार के विकल्पों में लैप्रोस्कोपिक अर्थात न्यूनतम चीरा लगाकर की जाने वाली सर्जरी तथा आवश्यक या उपयुक्त स्थिति में ओपन सर्जरी के विकल्प का उल्लेख किया गया है।
किस मरीज के लिए कौन-सा उपचार उपयुक्त होगा, इसका निर्णय चिकित्सकीय जांच और विशेषज्ञ की सलाह के आधार पर ही किया जाना चाहिए। इसलिए स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर स्वयं दवा लेना या उपचार का निर्णय करने के बजाय संबंधित स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेना आवश्यक है।
“महिलाओं का स्वास्थ्य, हमारी प्राथमिकता” संदेश के साथ तैयार की गई इस जानकारीमूलक सामग्री में “Healthy Women, Healthy Families” अर्थात स्वस्थ महिला से स्वस्थ परिवार के निर्माण में सहयोग मिलने के संदेश को प्राथमिकता दी गई है। सुरक्षित मातृत्व, स्वस्थ परिवार और उज्ज्वल भविष्य के लिए महिलाओं के स्वास्थ्य को समय पर प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है।
पोस्टर में डा. श्वेता चौधरी को स्त्री तथा प्रसूति रोग विशेषज्ञ (Obs & Gynaecologist) के रूप में उल्लेखित किया गया है। इसमें उनका NMC No. 24600 भी दिया गया है। अतिरिक्त जानकारी एवं स्वास्थ्य परामर्श के लिए +9779843424932 नंबर उपलब्ध कराया गया है।
महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को छिपाने या लंबे समय तक नजरअंदाज करने के बजाय समय पर आवश्यक जांच कराकर चिकित्सकीय सलाह लेने का संदेश भी इस जानकारीमूलक सामग्री के माध्यम से दिया गया है।







