स्टेट डेस्क, श्रेयांश पराशर l
हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राज्य विधानसभा में घोषणा की कि महत्वाकांक्षी मूसी नदी जीर्णोद्धार परियोजना के तहत हैदराबाद के गांधी सरोवर (बापू घाट), लंगर हाउस में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बापू घाट का ऐतिहासिक महत्व है, क्योंकि यह मूसी और ईसा नदियों का संगम स्थल है और यहीं महात्मा गांधी की अस्थियों का विसर्जन किया गया था। उन्होंने कहा कि मानव सभ्यता हमेशा नदी घाटियों के किनारे विकसित हुई है और काकतीय काल से लेकर निजाम युग तक हैदराबाद का जल प्रबंधन समृद्ध रहा है।
रेवंत रेड्डी ने 1908 की विनाशकारी बाढ़ का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके बाद निजाम सरकार ने उस्मान सागर और हिमायत सागर जलाशयों का निर्माण कराया, जो आज भी हैदराबाद की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आलोचनाओं के बावजूद उनकी सरकार ने इन जलाशयों के प्रदूषण को रोकने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने मूसी नदी में बढ़ते प्रदूषण पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि औद्योगिक अपशिष्ट, पशुओं के शव और अनुपचारित मलजल के कारण नदी के निचले इलाकों, विशेषकर नालगोंडा जिले में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। इसे देखते हुए अधिकारियों को विशेषज्ञों के परामर्श से नदी में स्वच्छ जल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार मूसी नदी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए गोदावरी नदी के पानी को मोड़ने की योजना पर काम कर रही है। इस योजना के तहत 15 टीएमसी पानी पेयजल के लिए और 5 टीएमसी पानी नदी में निरंतर स्वच्छ प्रवाह बनाए रखने के लिए उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि एशियाई विकास बैंक ने इस परियोजना के लिए 4,000 करोड़ रुपये का ऋण देने पर सैद्धांतिक सहमति दी है, जबकि केंद्र सरकार ने गांधी सरोवर के विकास को मंजूरी प्रदान की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने परियोजना के लिए रक्षा भूमि आवंटन पर अस्थायी सहमति दी है। इसके अलावा, गंडिपेट से गोरेल्ली तक 55 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर की भी घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो दशकों में शहरीकरण 75 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है और सरकार का संकल्प है कि हैदराबाद को विश्व स्तरीय शहर के रूप में विकसित किया जाए।







