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गाजा संघर्ष पर विराम: हमास ने अमेरिका के संघर्षविराम प्रस्ताव को दी मंजूरी

ऋषि राज

गाजा पट्टी में जारी युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हमास ने अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ द्वारा प्रस्तुत संघर्षविराम प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। यह जानकारी सोमवार को हमास के करीबी एक फ़िलिस्तीनी अधिकारी ने दी। इस प्रस्ताव को मध्यस्थों के माध्यम से हमास को सौंपा गया था।

प्रस्ताव के मुख्य बिंदु:

  • बंधकों की रिहाई: प्रस्ताव के तहत हमास 70 दिनों की संघर्षविराम अवधि के दौरान दो चरणों में दस इस्राइली बंधकों को रिहा करेगा।
  • संघर्षविराम की अवधि: 70 दिनों तक युद्धविराम रहेगा, जिसमें दोनों पक्षों के बीच कोई सैन्य कार्रवाई नहीं होगी।
  • आंशिक इस्राइली वापसी: इस अवधि में इस्राइली सेना गाजा के कुछ हिस्सों से आंशिक रूप से पीछे हटेगी।
  • फ़िलिस्तीनी कैदियों की रिहाई: इस्राइल सैकड़ों फ़िलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा, जिनमें कई ऐसे हैं जो लंबे समय से सजा काट रहे हैं।

यह प्रस्ताव उस समय सामने आया है जब अक्टूबर 2023 से चले आ रहे गाजा संघर्ष में अब तक 54,000 से अधिक फ़िलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और मानवीय संकट चरम पर है। मार्च 2025 में पिछला संघर्षविराम टूटने के बाद हिंसा और तेज़ हो गई थी।

हमास ने यह भी संकेत दिया है कि यदि इस्राइल गाजा से पूरी तरह से सेना हटाने और स्थायी संघर्षविराम के लिए तैयार होता है, तो वह सभी बंधकों को रिहा करने को तैयार है। हालांकि, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि कोई भी युद्धविराम अस्थायी ही होगा और तभी लागू होगा जब सभी बंधकों को छोड़ा जाएगा। इसके अलावा, वह हमास को पूरी तरह खत्म किए बिना युद्ध समाप्त नहीं करना चाहते।
अब निगाहें इस्राइली सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस समझौते को शांति स्थापना की दिशा में एक आशा की किरण मान रहा है।