स्टेट डेस्क,श्रेयांश पराशर l
कोलकाता l पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद राज्य की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ उनके विवादित ‘गुजराती गैंग’ बयान को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले को लेकर भाजपा और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब चुनाव आयोग ने फाल्टा विधानसभा सीट के सभी 285 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने का आदेश दिया। आयोग का यह फैसला चुनावी हिंसा और धांधली की शिकायतों के बाद लिया गया था। इस पर भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने टीएमसी के ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ पर निशाना साधा। इसके जवाब में अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भाजपा और चुनाव आयोग को आड़े हाथों लेते हुए ‘बांग्ला विरोधी गुजराती गैंग’ शब्द का इस्तेमाल किया।
अभिषेक बनर्जी ने अपने पोस्ट में कहा था कि भाजपा और उसके समर्थक उनके ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ को नुकसान नहीं पहुंचा सकते। उन्होंने भाजपा नेताओं को फाल्टा में मुकाबला करने की चुनौती भी दी थी। भाजपा ने इस बयान को अपमानजनक और भड़काऊ बताते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने कहा कि अभिषेक बनर्जी लगातार अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, टीएमसी सांसद डोला सेन ने भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों और कानूनी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को न्यायपालिका और जनता पर पूरा भरोसा है।
फिलहाल इस मामले ने बंगाल की राजनीति को और गर्म कर दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच एजेंसियां आगे क्या कदम उठाती हैं।







