लोकल डेस्क, मुस्कान कुमारी।
गोपालगंज। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के तहत बरौली में आयोजित सभा में हजारों की भीड़ उमड़ी, जहां महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने जोरदार उत्साह दिखाया। जीविका दीदियों के समूहों ने नारे लगाते हुए कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।
सभा स्थल पर सुबह से ही लोग जुटने लगे थे। पारंपरिक परिधान में महिलाएं और जीविका दीदियां समूहों में पहुंचीं, जबकि युवा और बुजुर्ग अपने नेता को सुनने के लिए उत्सुक दिखे। मुख्यमंत्री के मंच पर पहुंचते ही पूरा परिसर 'नीतीश कुमार जिंदाबाद' के नारों से गूंज उठा। जनसमूह के चेहरों पर विकास की उम्मीद साफ झलक रही थी।
विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
नीतीश कुमार ने इस मौके पर 134 करोड़ रुपये की सात योजनाओं का उद्घाटन किया, जबकि 184 करोड़ रुपये की 33 योजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें मॉडल सदर अस्पताल (44.5 करोड़), बैकुंठपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय (16.62 करोड़), राजकीय अभियंत्रण कॉलेज (26.94 करोड़), 300 बेड का बालक छात्रावास, कुचायकोट और गोपालगंज प्रखंडों में सरकारी भवन (2.5 से 3.05 करोड़), बीपीएस कालेज भोरे में एकेडमिक ब्लॉक (26.89 करोड़) और मांझा अंचल में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय (56.74 करोड़) जैसी प्रमुख योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, 25 स्वास्थ्य उपकेंद्रों (13.75 लाख) का भी शिलान्यास हुआ।
मुख्यमंत्री ने बतरदेह में सारण बांध का निरीक्षण किया और 24 विभागों के स्टालों का दौरा कर अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली। बरौली प्रखंड कार्यालय पहुंचकर उन्होंने जीविका, स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग के स्टालों का जायजा लिया। जीविका दीदियों से संवाद के दौरान उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया। प्रखंड कार्यालय के निर्माणाधीन भवन का भी निरीक्षण किया गया।
सरकार के कामकाज पर जोर, तालियों की गड़गड़ाहट
सभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने अपनी सरकार के उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि 2023 से बिहार लोक सेवा आयोग ने 2 लाख 58 हजार सरकारी शिक्षकों की बहाली की है। 2006 से अब तक 3 लाख 68 हजार नियोजित शिक्षकों की नियुक्ति हुई, जिसमें से 28 हजार 976 सरकारी शिक्षक बन चुके हैं। अब नियोजित शिक्षकों को बीपीएससी परीक्षा की जरूरत नहीं पड़ेगी। कुल मिलाकर सरकारी शिक्षकों की संख्या 5 लाख 24 हजार हो गई है।
स्वास्थ्य सुधारों पर बात करते हुए सीएम ने बताया कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में महीने में सिर्फ 39 मरीज आते थे, अब औसतन 11 हजार 600 मरीज पहुंचते हैं। राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या छह से बढ़कर 12 हो गई है, और सभी 27 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं। विकास, रोजगार, शिक्षा और गरीबों के उत्थान की हर बात पर जनसमूह ने खड़े होकर तालियां बजाईं। युवाओं के चेहरों पर भविष्य की उम्मीद चमक रही थी, जबकि बुजुर्ग वर्तमान को पुराने दिनों से तुलना कर संतुष्ट दिखे। कई लोग मोबाइल से इस पल को कैद करते नजर आए।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, अप्रत्याशित भीड़
प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर पूरी मुस्तैदी दिखाई। सभा स्थल और आसपास पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया। प्रवेश द्वारों पर जांच व्यवस्था थी, जबकि भीड़ नियंत्रण के लिए स्वयंसेवकों को लगाया गया। अप्रत्याशित भीड़ के बावजूद कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।







