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ग्यानेश, अब इस्तीफा दो: राहुल का संदेश

नेशनल डेस्क, मुस्कान कुमारी।

संसद से EC मार्च रोकने पर इंडिया ब्लॉक सांसदों का धरना

इंडिया ब्लॉक के सांसद मंगलवार को संसद परिसर से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च निकालने निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत सांसदों ने संसद स्ट्रीट पर धरना देकर मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

बैरिकेड पर चढ़े राहुल, नारेबाजी हुई तेज

सांसद मकर द्वार पर इकट्ठा हुए और निर्वाचन सदन की ओर बढ़े। भारी सुरक्षा और बैरिकेडिंग के बीच पुलिस ने उन्हें नीति आयोग कार्यालय के सामने रोक दिया। आगे बढ़ने से रोके जाने पर सांसदों ने सड़क पर बैठकर विरोध जताया।

राहुल गांधी बैरिकेड पर चढ़ गए। सांसदों ने ग्यानेश कुमार को आरएसएस की वर्दी में दिखाने वाले कटआउट लिए। नारे लगे— “बीजेपी है, सीईसी है”, “वोट चोर, गद्दी छोड़” और “लोकतंत्र बिकाऊ नहीं”। राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “ग्यानेश इट्स डन ब्रो। टाइम टू रिजाइन।”

मार्च में तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ ब्रायन, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और सीपीआई (एम) के जॉन ब्रिटास शामिल रहे।

 सुरक्षा का इंतजाम और सांसदों का सवाल

संसद और चुनाव आयोग मुख्यालय के आसपास पहले से भारी पुलिस बल तैनात था। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने पूछा, “हम सांसद हैं, देश के नागरिक हैं। हमें रोकने के लिए इतनी बड़ी फोर्स क्यों? हम शांति से चलेंगे, हथियार नहीं हैं।” उन्होंने बीएसएफ और सीआईएसएफ की तैनाती का जिक्र किया।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि ग्यानेश कुमार ने उस संस्था का विश्वास तोड़ दिया है, जिस पर पूरा देश गर्व करता था। “एक व्यक्ति ने वह भरोसा तोड़ दिया। पूरा गठजोड़ साथ काम कर रहा है। हम ग्यानेश कुमार से सवाल पूछेंगे और भाजपा के मुख्यमंत्री जवाब देंगे।”

 सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और फॉर्म-6 विवाद

सीपीआई सांसद पी. संदोष कुमार ने कहा कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों ने विपक्ष की आपत्ति को मजबूत किया है। कोर्ट ने साफ कहा कि उसने फॉर्म-6 के किसी संशोधित संस्करण को मंजूरी नहीं दी। कोर्ट चुनाव आयोग के रिकॉर्ड की जांच करेगा कि बदलाव हुए या नहीं और किसने मंजूरी दी।

विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग ने 26 सितंबर के बयान में गलत जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट ने फॉर्म-6 से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को मंजूरी दी है। संदोष कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त को “चीटिंग इलेक्शन कमिश्नर” कहा और कहा कि 2025 से ही विरोध चल रहा है, अब आंदोलन तेज होगा।

यह विरोध स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और फॉर्म-6 में अतिरिक्त घोषणा को लेकर चल रहा है। विपक्ष का कहना है कि इससे मतदाता सूची में नाम जुड़ने की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। चुनाव आयोग ने किसी विभाजन के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि एसआईआर से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।

सांसदों ने जोर देकर कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के पास अब नैतिक अधिकार नहीं बचा। संजय राउत ने कहा कि कोर्ट की स्थिति पर जनता को गुमराह करने के बाद ग्यानेश कुमार को पद पर बने रहने का कोई हक नहीं।

विपक्षी सांसद धरना जारी रखते हुए मांग करते रहे कि ग्यानेश कुमार तुरंत इस्तीफा दें। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनी रही और सांसदों को आगे बढ़ने नहीं दिया गया।