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ग्रेट निकोबार परियोजना पर कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल

नेशनलडेस्क,श्रेयांश पराशर l

नई दिल्ली। कांग्रेस ने ग्रेट निकोबार परियोजना के मौजूदा स्वरूप को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि इस परियोजना से पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है और आदिवासी समुदायों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर परियोजना की दोबारा समीक्षा करने की मांग की है।

जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को सरकार के सामने उठा रही है, लेकिन अब तक चिंताओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक व्यावसायिक परियोजना को राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर उचित ठहराने की कोशिश कर रही है, जबकि इसके पर्यावरणीय प्रभावों और आदिवासी हितों को लेकर कई विशेषज्ञ लगातार चिंता जता रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा क्षमता मजबूत करने को लेकर किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन इसके लिए ऐसे विकल्प तलाशे जाने चाहिए जिनसे पर्यावरण को कम नुकसान हो। रमेश ने सुझाव दिया कि ग्रेट निकोबार के कैंपबेल बे स्थित आईएनएस बाज के विस्तार और मौजूदा सैन्य सुविधाओं को विकसित कर सुरक्षा जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकता है।

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि प्रस्तावित ट्रांसशिपमेंट पोर्ट और टाउनशिप जैसी योजनाओं से सीधे सैन्य क्षमता में कोई विशेष बढ़ोतरी नहीं होगी, फिर भी इन्हें सुरक्षा कारणों से जरूरी बताया जा रहा है। उन्होंने रक्षा मंत्री से परियोजना के मौजूदा स्वरूप पर पुनर्विचार करने और नौसेना अधिकारियों द्वारा सुझाए गए वैकल्पिक प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया।

कांग्रेस का मानना है कि विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण तथा आदिवासी अधिकारों का संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है।