स्पोर्ट्स डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य।
नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। अपने आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज और मैदान पर असाधारण प्रदर्शन के लिए मशहूर 'बिग शो' अब ऑस्ट्रेलिया की जर्सी में नजर नहीं आएंगे। 38 वर्षीय मैक्सवेल ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से भी विदाई लेकर अपने 14 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर पर विराम लगा दिया है। इससे पहले वह जून 2025 में वनडे क्रिकेट को अलविदा कह चुके थे। हालांकि, वह दुनिया भर की फ्रेंचाइजी टी20 लीग में खेलना जारी रखेंगे।
मैक्सवेल ने क्रिकेट पॉडकास्ट 'द फाइनल वर्ड' पर अपने संन्यास की जानकारी दी। उनके इस फैसले के साथ ही ऑस्ट्रेलिया के उन खिलाड़ियों में शामिल एक बड़े नाम का अंतरराष्ट्रीय सफर समाप्त हो गया, जो अकेले दम पर मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते थे।
MCG में विदाई मैच खेलने की थी उम्मीद, लेकिन टूटा सपना
मैक्सवेल के संन्यास के साथ उनकी एक इच्छा अधूरी रह गई। वह चाहते थे कि ऑस्ट्रेलिया की ओर से अपना आखिरी मुकाबला घरेलू मैदान मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर खेलें। नवंबर में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में उन्हें विदाई मैच मिलने की उम्मीद थी।
हालांकि, ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज के लिए टीम में उन्हें जगह नहीं दी। चयनकर्ताओं का ध्यान युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव देने पर है। मैक्सवेल ने भी टीम की इस रणनीति को समझने की बात कही।
उन्होंने बताया कि टी20 विश्व कप से पहले और उसके बाद टीम प्रबंधन के साथ उनके भविष्य को लेकर बातचीत हुई थी। फिलहाल ऑस्ट्रेलिया की टीम में बदलाव का दौर चल रहा है और युवा खिलाड़ियों को मौका देना जरूरी है।
तीन विश्व कप जीतने वाली टीम का रहे हिस्सा
मैक्सवेल का अंतरराष्ट्रीय करियर उपलब्धियों से भरा रहा। वह ऑस्ट्रेलिया की 2015 और 2023 वनडे विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। इसके अलावा 2021 में ऑस्ट्रेलिया ने पहली बार टी20 विश्व कप का खिताब जीता था, तब भी मैक्सवेल टीम में शामिल थे।
इस तरह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में तीन विश्व कप खिताब दर्ज हैं। वह बल्लेबाजी के साथ ऑफ स्पिन गेंदबाजी और शानदार क्षेत्ररक्षण के लिए भी जाने जाते रहे।
अफगानिस्तान के खिलाफ 201 रन की पारी हमेशा रहेगी याद
मैक्सवेल के करियर की सबसे यादगार पारियों में 2023 वनडे विश्व कप में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई उनकी नाबाद 201 रन की पारी सबसे ऊपर रहेगी।
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया 292 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 91 रन पर सात विकेट गंवा चुका था। टीम हार की ओर बढ़ रही थी, लेकिन मैक्सवेल ने असंभव दिख रही स्थिति को जीत में बदल दिया।
उन्होंने पैर में तेज ऐंठन और शारीरिक परेशानी के बावजूद 128 गेंदों में नाबाद 201 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 21 चौके और 10 छक्के शामिल थे। उन्होंने कप्तान पैट कमिंस के साथ आठवें विकेट के लिए नाबाद 202 रन की साझेदारी कर ऑस्ट्रेलिया को तीन विकेट से जीत दिलाई।
यह पुरुष वनडे क्रिकेट में किसी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज का पहला दोहरा शतक भी था। इस पारी को वनडे विश्व कप इतिहास की सबसे यादगार पारियों में गिना जाता है।
टी20 अंतरराष्ट्रीय में रोहित शर्मा के बराबर रिकॉर्ड
मैक्सवेल का टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर भी बेहद खास रहा। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 130 मैचों में 2,897 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 154.42 रहा।
उनके नाम टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पांच शतक दर्ज हैं। भारत के रोहित शर्मा के साथ वह इस प्रारूप में संयुक्त रूप से सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाजों में शामिल हैं।
मैक्सवेल का टी20 अंतरराष्ट्रीय में सर्वोच्च स्कोर 145 रन नाबाद है, जो उन्होंने 2016 में श्रीलंका के खिलाफ बनाया था। वह ऑस्ट्रेलिया के लिए इस प्रारूप में तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।
ऐसा रहा मैक्सवेल का अंतरराष्ट्रीय करियर
मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए तीनों प्रारूपों में कुल 286 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। उनके आंकड़े इस प्रकार हैं:
- टेस्ट क्रिकेट: 7 मैच, 339 रन
- वनडे क्रिकेट: 149 मैच, 3,990 रन और 77 विकेट
- टी20 अंतरराष्ट्रीय: 130 मैच, 2,897 रन और 51 विकेट
- कुल अंतरराष्ट्रीय रन: 7,226
- कुल अंतरराष्ट्रीय विकेट: 136
- टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक: 5
- विश्व कप खिताब: 3
अब बिग बैश लीग में दिखेगा जलवा
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद मैक्सवेल का क्रिकेट सफर पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। वह फ्रेंचाइजी टी20 क्रिकेट में खेलते रहेंगे। ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग में वह मेलबर्न स्टार्स का प्रतिनिधित्व करेंगे।
मैक्सवेल का मेलबर्न स्टार्स के साथ अनुबंध 2027-28 सत्र के अंत तक है। वह अपने शरीर और फिटनेस पर ज्यादा ध्यान देना चाहते हैं, ताकि करियर के बाकी टी20 टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
14 साल का अंतरराष्ट्रीय सफर, तीन विश्व कप खिताब और कई अविश्वसनीय पारियां। मैक्सवेल अब ऑस्ट्रेलिया की जर्सी में नहीं दिखेंगे, लेकिन क्रिकेट के मैदान पर उनके 'बिग शो' की यादें लंबे समय तक प्रशंसकों के जेहन में रहेंगी।







