स्टेट डेस्क - वेरॉनिका राय
छपरा। बिहार के छपरा शहर से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। ठंड से बचने के लिए जलाई गई अंगीठी एक ही परिवार के लिए काल बन गई। बंद कमरे में अंगीठी से निकले जहरीले धुएं के कारण एक वृद्ध महिला समेत तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। इस हादसे से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
यह दर्दनाक घटना भगवान बाजार थाना क्षेत्र के अंबिका भवानी कॉलोनी, भारत मिलाप चौक के पास शुक्रवार देर रात हुई। जानकारी के अनुसार, ठंड अधिक होने के कारण परिवार के सदस्य कमरे के अंदर अंगीठी जलाकर सो गए थे। कमरे में वेंटिलेशन की व्यवस्था न होने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस फैल गई, जिससे सभी लोग बेहोश हो गए।
सुबह काफी देर तक जब कोई हलचल नहीं हुई तो परिवार के अन्य सदस्यों को अनहोनी की आशंका हुई। दरवाजा खोलने पर कुछ लोग अचेत अवस्था में मिले, जबकि चार लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
इस हादसे में 70 वर्षीय कमलावती देवी, तीन वर्षीय तेजांश, सात माह की अध्या और नौ माह की गुड़िया की दम घुटने से मौत हो गई। मासूम बच्चों की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
इलाज के लिए आए थे परिजन, हादसे का हुए शिकार
बताया जा रहा है कि परिवार के कुछ सदस्य इलाज के सिलसिले में बनारस से छपरा आए थे। घटना में अंजली, अमीषा, अमित कुमार और संजय शर्मा की पत्नी की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें तुरंत छपरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार तीन मरीजों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।
घटना की सूचना मिलते ही भगवान बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
इस हादसे ने एक बार फिर ठंड के मौसम में बंद कमरे में अंगीठी या अलाव जलाने के खतरों को उजागर कर दिया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ठंड से बचाव के लिए सुरक्षित उपाय अपनाएं और बंद स्थानों में आग जलाने से बचें, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।







