स्टेट डेस्क, राजीव कु. भारती ।
सीवान/दारौंदा प्रखण्ड क्षेत्र में जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, दरौंदा द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार अब वर्ष 2015 से पूर्व जन्म लेने वाले सभी आवेदकों की जन्म तिथि का सत्यापन संबंधित विद्यालय से कराना अनिवार्य होगा।
जारी निर्देश के मुताबिक प्रखण्ड स्तर पर प्राप्त सभी जन्म आवेदन पत्रों की गहन जांच की जाएगी। खासकर 2015 से पहले जन्म के मामलों में विद्यालय के नामांकन पंजी (एडमिशन रजिस्टर) के आधार पर ही जन्म तिथि की पुष्टि की जाएगी। विद्यालय द्वारा विहित प्रपत्र में प्रमाणित की गई जानकारी को ही मान्य माना जाएगा और सत्यापन के बाद ही आवेदन को प्रखण्ड स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रशासन ने विद्यालयों की जिम्मेदारी भी तय करते हुए स्पष्ट किया है कि प्रमाण पत्र में अंकित जन्म तिथि की सत्यता की पूरी जवाबदेही संबंधित प्रधानाध्यापक की होगी। यदि किसी प्रकार की गलत जानकारी सामने आती है, तो संबंधित विद्यालय प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।







