लोकल डेस्क, एन के सिंह।
कुर्की से पहले चिपकाया इस्तेहार। 21 मार्च को आर्म्स लाइसेंस मामले में छापेमारी के दौरान पुलिस टीम पर हमला करने का है मुख्य आरोप।
पूर्वी चंपारण: जिले के केसरिया में कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। केसरिया विधानसभा से जन सुराज पार्टी के घोषित प्रत्याशी और प्रखंड प्रमुख के पति नाज अहमद उर्फ पप्पू खान के खिलाफ पुलिस ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी के घर पहुंचकर पुलिस ने न केवल मुनादी करवाई, बल्कि ढोल-नगाड़ों के साथ डुगडुगी बजाकर कोर्ट के आदेश का इस्तेहार चस्पा किया। यह कार्रवाई पुलिस टीम पर हुए हमले और जालसाजी के मामले में उनकी लगातार फरारी को देखते हुए की गई है।
क्या है पूरा मामला?
मामले की जड़ 21 मार्च की वह घटना है, जब पुलिस फर्जी कागजात के आधार पर आर्म्स लाइसेंस बनवाने के एक मामले में पप्पू खान के आवास पर छापेमारी करने पहुंची थी। आरोप है कि उस दौरान आरोपी और उनके परिजनों ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर दिया था, जिसमें कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। तब से ही पप्पू खान पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहे हैं। थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि कई बार की छापेमारी के बावजूद जब आरोपी ने आत्मसमर्पण नहीं किया, तो अंततः न्यायालय के निर्देश पर यह कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई है।
कुर्की-जब्ती की दी गई चेतावनी
अपर थानाध्यक्ष राजू कुमार राजू के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि आरोपी जल्द ही कानून के सामने पेश नहीं होते हैं, तो अगली कार्रवाई के तहत उनके घर की कुर्की-जब्ती की जाएगी। इस कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में हड़कंप मचा रहा। पुलिस अब तकनीकी और जमीनी इनपुट के आधार पर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है। विधानसभा चुनाव की आहट के बीच एक राजनीतिक चेहरे पर इस तरह की सख्त कार्रवाई क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।







