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जमानत पर रिहा हुए वीरगंज मेयर राजेशमान सिंह

लोकल डेस्क, अभिलाष गुप्ता।
जमानत पर रिहा हुए वीरगंज मेयर राजेशमान सिंह

वीरगंज: वीरगंज महानगरपालिका के मेयर राजेशमान सिंह नागरिकता संबंधी दस्तावेज़ जालसाजी मामले में जमानत पर रिहा हो गए हैं। पर्सा जिला अदालत ने गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

नागरिकता संबंधी दस्तावेज़ जालसाजी के आरोप में जांच के लिए गत मंगलवार पर्सा जिला अदालत ने सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। अदालत के आदेश के बाद कानूनी प्रक्रिया में शामिल होने हेतु वे गुरुवार को अदालत में उपस्थित हुए थे।

पर्सा जिला अदालत के न्यायाधीश गायत्री प्रसाद रेग्मी की इजलास में सुबह से शाम तक मामले की विस्तृत सुनवाई हुई। सुबह करीब 9 बजे पुलिस के माध्यम से अदालत में प्रस्तुत किए गए सिंह की ओर से अधिवक्ता प्रमोद यादव, कमलमोहन पोखरेल, अरुण ज्ञवाली और शिव कोइरालासहित कई कानूनी प्रतिनिधियों ने बहस की। उन्होंने तर्क दिया कि सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोप कानूनी रूप से प्रमाणित नहीं हैं और उन्हें जमानत अथवा साधारण तारेख पर रिहा किया जाना चाहिए।

वहीं सरकार की ओर से सरकारी वकील सहित पांच कानूनी प्रतिनिधियों ने बहस करते हुए जांच के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेज़ों और प्रमाणों के आधार पर मामले की गंभीरता अदालत के समक्ष प्रस्तुत की।

दोनों पक्षों की दलीलें, उपलब्ध प्रमाण तथा कानूनी आधारों का अध्ययन करने के बाद न्यायाधीश रेग्मी की इजलास ने सिंह को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत द्वारा निर्धारित जमानत राशि जमा करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

मेयर सिंह के विरुद्ध नागरिकता संबंधी दस्तावेज़ जालसाजी का मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया में है। अदालत के आदेश के तहत वे जमानत पर रिहा हुए हैं, लेकिन मामले का अंतिम फैसला आगामी सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

इस प्रकरण ने वीरगंज के राजनीतिक क्षेत्र में व्यापक चर्चा पैदा की है। अदालत के आदेश के बाद सिंह के समर्थकों ने फैसले का स्वागत किया है, जबकि कानूनी जानकारों का कहना है कि मामले का अंतिम निर्णय अदालत द्वारा ही किया जाएगा और सभी पक्षों को न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए।