जमुई कांड में बड़ा एक्शन: मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस एनकाउंटर में घायल, अब तक 6 गिरफ्तार
स्टेट डेस्क, शुभम कुमार तिवारी ।
- नाबालिग छात्र-छात्रा से कथित बदसलूकी मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज; घटनास्थल ले जाते समय भागने की कोशिश का आरोप, पैर में लगी गोली
जमुई/पटना । बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से कथित बदसलूकी और मारपीट के वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल नंदन यादव को पुलिस एनकाउंटर के दौरान पैर में गोली लगी है। पुलिस के अनुसार, उसे घटना के स्थल की ओर ले जाया जा रहा था, इसी दौरान उसने कथित तौर पर भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई। घायल नंदन यादव को इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वहीं, मामले में अब तक छह लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और मामले की जांच अभी जारी है।
19 सितंबर की शाम हुआ था पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, घटना 19 सितंबर की शाम करीब 7 बजे की है। दोनों पीड़ित कक्षा 10 के बताए जा रहे हैं। वो दोनों मड़वा जंगली इलाके में घूमने और फोटोशूट करने गए थे। वापसी के दौरान कुछ युवकों ने कथित तौर पर दोनों को रास्ते में रोक लिया। इसके बाद उन्हें घेरकर पूछताछ और कथित तौर पर मारपीट व बदसलूकी की गई। घटना का वीडियो किसी व्यक्ति द्वारा रिकॉर्ड किया गया और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू की।
वायरल वीडियो ने खोला पूरा मामला
वायरल हुए वीडियो में कुछ युवक दोनों छात्रों को घेरते दिखाई देते हैं। वीडियो में छात्रा और उसके साथी को वहां से जाने देने की गुहार लगाते हुए देखा जा सकता है।
पुलिस के मुताबिक, घटना के दौरान दोनों को काफी देर तक रोके रखा गया और उनके साथ कथित तौर पर मारपीट तथा बदसलूकी की गई। उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू की।
पीड़ित नाबालिगों की पहचान और निजता को ध्यान में रखते हुए उनके नाम, फोटो या ऐसी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है जिससे उनकी पहचान हो सके।
नंदन यादव पर पुलिस कार्रवाई, पैर में लगी गोली
मामले में सबसे बड़ा अपडेट मंगलवार को सामने आया, जब पुलिस ने मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, नंदन यादव को पकड़ने के लिए टीम ने कार्रवाई की थी। उसे घटनास्थल की ओर ले जाने के दौरान उसने कथित तौर पर भागने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई और उसके बाएं पैर में गोली लगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी जिस इलाके में छिपा था, वहां झाड़ियों के बीच से पुलिस टीम ने उसे पकड़ने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक इसी दौरान गोलीबारी हुई और भागने की कोशिश कर रहे नंदन यादव के पैर में गोली लगी। इसके बाद घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
छह आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
मामले में शुरुआती कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया था। इसके बाद जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया गया। 22 सितंबर की उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक अब तक छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस बाकी आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान और उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
SIT कर रही है मामले की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT का गठन किया है। टीम का उद्देश्य घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान करना और उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई करना है। SIT वीडियो फुटेज, पीड़ितों के बयान और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
POCSO Act के तहत मामला
क्योंकि मामले में नाबालिग शामिल हैं, पुलिस ने Protection of Children from Sexual Offences यानी POCSO Act की संबंधित धाराओं के तहत भी कार्रवाई की है। इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की संबंधित धाराओं में भी मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच में आरोपियों के खिलाफ लागू होने वाली धाराओं को साक्ष्यों के आधार पर तय किया जाएगा।
National Commission for Women ने भी लिया संज्ञान
मामला सामने आने के बाद National Commission for Women (NCW) ने भी इसका संज्ञान लिया है। आयोग ने बिहार पुलिस से मामले में कार्रवाई और जांच की जानकारी मांगी है। मामले में नाबालिग पीड़ितों की privacy को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई गई है।
सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने वालों पर भी कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के प्रसार को लेकर भी कार्रवाई शुरू की है। रिपोर्टों के अनुसार, वीडियो को शेयर करने वाले कई social media accounts की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाला वीडियो या फोटो शेयर करना उनकी privacy को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए ऐसे संवेदनशील मामलों में सोशल मीडिया यूजर्स से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
घटना के बाद बिहार में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। विपक्षी नेताओं ने घटना को लेकर सरकार और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
वहीं सरकार और पुलिस की ओर से मामले में की गई गिरफ्तारी और जांच का हवाला दिया गया है। राजनीतिक नेताओं के आरोपों और दावों को पुलिस जांच से अलग देखा जाना चाहिए; घटना से जुड़े तथ्य जांच पूरी होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होंगे।
अब आगे क्या?
फिलहाल पुलिस की जांच कई बिंदुओं पर चल रही है। इसमें वायरल वीडियो में मौजूद सभी लोगों की पहचान, उनकी भूमिका, घटना की पूरी परिस्थितियों और सोशल मीडिया पर वीडियो के प्रसार की जांच शामिल है।
नंदन यादव के घायल होने के बाद उसे अस्पताल में पुलिस हिरासत में इलाज दिया जा रहा है। वहीं मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जमुई का यह मामला वायरल वीडियो से शुरू होकर अब पुलिस जांच, गिरफ्तारियों और मुख्य आरोपी के घायल होने तक पहुंच चुका है। अब तक छह गिरफ्तारियों की जानकारी सामने आई है और मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस कार्रवाई के दौरान पैर में गोली लगने के बाद अस्पताल में भर्ती है।
मामले की जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई पुलिस द्वारा जुटाए जा रहे साक्ष्यों तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।






