स्टेट डेस्क, शुभम तिवारी |
- कोचिंग से लौट रहे 10वीं के छात्र-छात्रा को रास्ते में युवकों ने रोका; वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने दर्ज की FIR, सात संदिग्धों की पहचान
जमुई, बिहार | जमुई से सामने आए एक वायरल वीडियो ने नाबालिगों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद जमुई पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच के लिए SIT का गठन किया है। पुलिस के मुताबिक वीडियो के आधार पर करीब सात लोगों की पहचान की गई है और बाकी संदिग्धों की तलाश जारी है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार घटना 19 सितंबर की शाम करीब 7 बजे जमुई के सदर थाना क्षेत्र में हुई। दोनों पीड़ित नाबालिग हैं और एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ते हैं। पुलिस के मुताबिक वे एक पहाड़ी इलाके में गए थे और वहां से लौटते समय युवकों के एक समूह ने उन्हें रास्ते में रोक लिया।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कई लोग दोनों को घेरते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में लड़की विरोध करती और उन्हें छोड़ने की गुहार लगाती दिखाई देती है, जबकि उसके साथ मौजूद लड़के को भी समूह द्वारा रोके जाने और मारपीट किए जाने के दृश्य सामने आए हैं। एक व्यक्ति द्वारा लड़की के साथ अनुचित शारीरिक व्यवहार किए जाने का दृश्य भी वीडियो में दिखाई देता है।
हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर सामने आए दृश्यों की पूरी परिस्थितियों और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
वायरल वीडियो से पुलिस तक पहुंचा मामला
पुलिस के मुताबिक घटना के समय पीड़ितों की ओर से तत्काल शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। 21 सितंबर को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रहे वाहन के नंबर समेत अन्य सुरागों की मदद से पुलिस पीड़ितों तक पहुंची। दोनों के बयान दर्ज किए गए, जिसके बाद FIR दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई।
सात लोगों की पहचान, तीन गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच के दौरान करीब सात संदिग्धों की पहचान की गई है। इनमें से तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश में पुलिस टीमों द्वारा छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने वीडियो में लड़की के साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार करते दिखाई देने वाले व्यक्ति की भी पहचान कर ली है।
मामले में पुलिस ने POCSO Act और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
जांच के लिए SIT गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए जमुई पुलिस ने Special Investigation Team (SIT) का गठन किया है। SIT का नेतृत्व SDPO दीप्ति मोनाली कर रही हैं। जांच टीम वायरल वीडियो, पीड़ितों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि बाकी संदिग्धों को पकड़ने के लिए कार्रवाई जारी है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान
घटना का वीडियो सामने आने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने बिहार के DGP से मामले में तत्काल कार्रवाई, आरोपियों की पहचान और निष्पक्ष जांच की मांग की है। NCW ने पीड़ितों की सुरक्षा, कानूनी सहायता और उनकी निजता बनाए रखने पर भी जोर दिया है। आयोग ने बिहार पुलिस से मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने को लेकर चेतावनी
मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद पुलिस ने इसे हटाने की दिशा में भी कार्रवाई शुरू की है। चूंकि मामले में नाबालिग पीड़ित शामिल हैं, इसलिए उनकी पहचान उजागर करना गंभीर कानूनी और नैतिक मुद्दा है। ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स को वीडियो को दोबारा पोस्ट या शेयर करने से बचना चाहिए। पुलिस भी वायरल वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने की प्रक्रिया में जुटी है।
घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं
जमुई की घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने घटना को लेकर बिहार सरकार पर सवाल उठाए और वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों के खिलाफ POCSO के तहत कार्रवाई की मांग की।
वहीं, इस मामले में पुलिस की ओर से FIR, गिरफ्तारी और SIT जांच जैसी कार्रवाई की जा रही है। इसलिए घटना से जुड़े राजनीतिक दावों और आरोपों को पुलिस जांच के निष्कर्षों से अलग देखना जरूरी है।
फिलहाल पुलिस के सामने मुख्य चुनौती वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे सभी संदिग्धों तक पहुंचना और घटना में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका निर्धारित करना है। तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। पुलिस जांच के दौरान यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे, किसकी क्या भूमिका थी और वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली घटनाओं की पूरी परिस्थितियां क्या थीं।
जमुई का यह मामला केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है। इसने नाबालिगों की सुरक्षा, सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा, सोशल मीडिया पर संवेदनशील वीडियो के प्रसार और कानून के प्रभावी इस्तेमाल जैसे कई महत्वपूर्ण सवाल सामने रखे हैं।
फिलहाल पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और SIT पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर और सभी आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।






