नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय
डोडा/जम्मू: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से आज एक हृदयविदारक समाचार सामने आया है। भद्रवाह-चंबा अंतरराज्यीय मार्ग पर स्थित खन्नी टॉप के पास भारतीय सेना का एक बुलेट-प्रूफ वाहन (कैस्पर) अनियंत्रित होकर लगभग 200 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस भीषण सड़क हादसे में भारतीय सेना के 10 जांबाज जवान शहीद हो गए हैं, जबकि लगभग 11 अन्य जवान घायल बताए जा रहे हैं।
शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब सेना का वाहन जवानों को लेकर एक उच्च-ऊंचाई वाली पोस्ट (High-altitude post) की ओर जा रहा था। लगभग 9,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित खन्नी टॉप के पास बर्फीले और फिसलन भरे रास्ते के कारण चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके परिणामस्वरूप गाड़ी सीधे खाई में जा गिरी।
हादसे की जानकारी मिलते ही भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दुर्गम इलाका और खराब मौसम बचाव कार्य में बड़ी बाधा बने, लेकिन बचाव दल ने मुस्तैदी दिखाते हुए मलबे से जवानों को बाहर निकाला।
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि छह अन्य ने अस्पताल ले जाते समय या इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घायल जवानों में से कई की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गंभीर रूप से घायल जवानों को भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर के जरिए उधमपुर स्थित कमांड अस्पताल एयरलिफ्ट किया गया है, जहाँ उनका विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उपचार चल रहा है।
इस दुखद घटना पर देश भर में शोक की लहर है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपना दुख साझा करते हुए लिखा, "डोडा में एक दुर्भाग्यपूर्ण सड़क दुर्घटना में हमारे 10 बहादुर भारतीय सेना के जवानों की शहादत से गहरा दुख हुआ है। हम अपने वीर जवानों की उत्कृष्ट सेवा और सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखेंगे। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।" उन्होंने प्रशासन को घायल जवानों के बेहतर इलाज के निर्देश भी दिए हैं।
मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई अन्य नेताओं ने भी इस हादसे पर संवेदना व्यक्त की है। सेना ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
यह घटना उन कठिन परिस्थितियों और खतरों की याद दिलाती है जिनका सामना हमारे सैनिक देश की सुरक्षा के लिए दुर्गम पहाड़ी इलाकों में हर दिन करते हैं। पूरा देश आज इन शहीदों के बलिदान को नमन कर रहा है और घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।







